IPL में खेलने के बदले काउंटी टीमों को मुआवजा देते हैं इंग्लैंड के खिलाड़ी, होगा बदलाव

इस नियम के मुताबिक IPL में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को अपने वार्षिक वेतन के अनुपात के आधार पर अपनी-अपनी काउंटी टीमों को मुआवजा देना होता है.

Edited By : India.com Staff |Aug 25, 2021, 10:24 AM IST

Published On Aug 25, 2021, 10:24 AM IST

Last UpdatedAug 25, 2021, 10:24 AM IST

इंग्लैंड के क्रिकेटर अगर आईपीएल (IPL) में खेलते हैं तो उन्हें इसके बाद अपनी-अपनी काउंटी टीमों को मुआवजे के रूप में भारी रकम का भुगतान करना पड़ता है. आईपीएल के आने के बाद साल 2010 में वेतन कटौती के इस नियम को लाया गया था. अब इस नियम में बदलाव की मांग उठ रही है. इंग्लैंड की प्रोफेशनल क्रिकेट असोसिएशन (PCA) भी इसके पक्ष में है.

पीसीए इस प्रणाली में बदलाव लाने की कोशिश में जुटा है. फिलहाल जो नियम है, उसके मुताबिक आईपीएल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को अपने वार्षिक वेतन के अनुपात के आधार पर अपनी-अपनी काउंटी टीमों को मुआवजा देना होता है. मौजूदा प्रणाली के अनुसार, केंद्रीय अनुबंध के बाहर के इंग्लैंड के क्रिकेटरों को काउंटी में पहले 21 दिन के खेल से चूकने के कारण वार्षिक वेतन का एक प्रतिशत हिस्सा देना होता है.

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इसके बाद हर दिन के हिसाब से 0.7 प्रतिशत (वेतन का) का भुगतान करना होता है. पीसीए के क्रिकेट संचालन (PCA) निदेशक डेरिल मिशेल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया, ‘आईपीएल में भाग लेने वालों के लिए काउंटी वेतन से कटौती के लिए एक प्रणाली को 2010 में तैयार किया गया था.’

उन्होंने कहा, ‘हमें इसके बारे में सदस्यों से अनुरोध प्राप्त हुए हैं और हमें लगता है कि इसे अपडेट करने की जरूरत है. इस प्रणाली के बारे में चर्चा करने की जरूरत है.’

सैम बिलिंग्स (केंट/दिल्ली कैपिटल्स), क्रिस जॉर्डन (ससेक्स/पंजाब किंग्स), लियाम लिविंगस्टोन (लंकाशर/राजस्थान रॉयल्स) और डेविड मलान (यॉर्कशर/पंजाब किंग्स) इंग्लैंड के ऐसे चार खिलाड़ी हैं, जो केंद्रीय अनुबंध के बिना इस साल की शुरुआत में प्रभावित हुए थे क्योंकि कोविड-19 के कारण अप्रैल-मई में आईपीएल को स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

(इनपुट: भाषा)

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