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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दो ‘घरेलू’ सीरीज नहीं खेलने के लिये भारतीय क्रिकेट बोर्ड से सात करोड़ डालर मुआवजे की मांग की है। पीसीबी ने इस मसले पर सलाह मशवरे की प्रक्रिया पूरी करके मुआवजे की रकम तय की है। वह कुछ दिन में आईसीसी की भुगतान समिति के सामने दावा पेश करेगा। बता दें पिछले दिनों पीसीबी चेयरमैन ने मीडिया के सामने कहा था कि वह इस मामले में कानूनी सलाह ले चुके हैं और जल्द ही बीसीसीआई के खिलाफ केस दर्ज करेंगे।

पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने कहा ,‘‘ हमने बीसीसीआई के साथ 2014 में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये थे जिसके तहत दोनों देशों के बीच 6 सीरीज खेलने पर सहमति बनी थी। जिनमें पाकिस्तान में होने वाली सीरीज भी शामिल थी। भारत ने इस पर अमल नहीं किया और 2008 से अब तक हमारे साथ सीरीज नहीं खेली है। हालांकि हमारे खिलाफ आईसीसी टूर्नामेंटों में खेलने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।’’ सेठी ने कहा कि सहमति पत्र के तहत दोनों देशों को 2015 से 2023 के बीच छह सीरीज खेलनी थी। [ये भी पढ़ें: टीम में चयन ना होने के कारण पाकिस्तानी क्रिकेटर ने की आत्महत्या की कोशिश]

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के साथ क्रिकेट खेलने में कभी परेशानी नहीं थी लेकिन बीसीसीआई के टीम नहीं भेजने से उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस मामले में अब तक बीसीसीआई के ओर से कोई आधिकारिक प्रकिक्रिया नहीं आई है। देखना होगा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड इस मसले का क्या हल निकालता है।