शीर्ष क्रम बल्लेबाज एडेन मारक्रम के चोटिल होकर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद दक्षिण अफ्रीका टीम न्यूलैंड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में पीटर मलान को डेब्यू का मौका दे सकती है। हालांकि 30 साल के इस खिलाड़ी के डेब्यू को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है।

दरअसल साल 2007 में बनी और 2016 में बदलाव के साथ लागू की गई दक्षिण अफ्रीका टीम की नस्लीय चयन नीति के मुताबिक प्रोटियाज टीम की प्लेइंग इलेवन में 6 अश्वेत खिलाड़ी (जिसमें से दो अश्वेथ अफ्रीकी खिलाड़ी हों) होने चाहिए। पीटर श्वेत हैं और इस वजह से उनका प्लेइंग इलेवन में शामिल होना इस नीति का उल्लंघन होगा।

हालांकि दक्षिण अफ्रीकी प्लेइंग इलेवन में 6 अश्वेत खिलाड़ी ना होने का प्रमुख कारण इंजरी है। टेम्बा बावुमा के हिप इंजरी का शिकार होने की वजह से सेंचुरियन टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका टीम में केवल चार अश्वेत खिलाड़ी थी। हालांकि बावुमा के केप टाउन टेस्ट से पहले फिट होने की उम्मीद है। अगर बावुमा फिट हो जाते हैं तो टीम नस्लीय चयन नीति पर खरी उतर सकती है।

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बावुमा के विकल्प के तौर पर स्क्वाड में शामिल हुए श्वेत खिलाड़ी रासी वान डेर डूसन को दूसरे मैच से बाहर बैठना पड़ सकता है। इस पर कोच मार्क बाउचर ने कहा, “रासी जैसे खिलाड़ी को बाहर करना मुश्किल होगा।”

कोच ने आगे कहा, “टेम्बा को (शनिवार को) साइड में तकलीफ थी नहीं तो हम उसे फील्डर के तौर पर इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे थे। टेम्बा दबाव में रहा है लेकिन मैं उसे मुश्किल में नहीं डालना चाहता। टेम्बा अच्छा है और हम उसके साथ काम करेंगे। हम बदलाव को समझते हैं और हमें पता है कि हमें कई खिलाड़ियों पर कड़ी मेहनत करनी है।”

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वहीं मलान के डेब्यू को लेकर कोच बाउटर पूरी तरह से निश्चित हैं। उन्होंने कहा, “पीटर को स्क्वाड में चुना गया है। हमारे लिए सलामी बल्लेबाजी के साथ छेड़छाड़ करना सही नहीं होगा। उसने पिछले कुछ समय में अच्छा प्रदर्शन किया है। ये (न्यूलैंड्स स्टेडियम) उसका घरेलू मैदान है। इस समय हम एक स्पेशलिस्ट सलामी बल्लेबाज की तरफ देख रहे हैं।”

याद दिला दें कि 1970 में अपनी गलत नस्लीय नीति, जिसके मुताबिक वो केवल श्वेत खिलाड़ियों को चुनेंगे और श्वेत टीमें जैसे इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेलेंगे, की वजह से दक्षिण अफ्रीका टीम पर 22 साल का बैन लगाया गया था।