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पिछले दो सालों से डे नाइट टेस्ट को लेकर लोगों में खासी दिलचस्पी देखने को मिल रही है। इस फॉर्मेट को और बेहतरीन बनाने के लिए गुलाबी गेंद से खेलने को तरजीह दी गई है। हाल ही में एक डे-नाइट टेस्ट में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को महज 3 दिनों में ही हरा दिया। वैसे कई लोग ऐसे भी हैं जो टेस्ट क्रिकेट के मुख्य स्वरूप से छेड़छाड़ करने का विरोध कर रहे हैं। इस क्रम में एक और नया जुड़ गया है और वे हैं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान आसिफ इकबाल। आसिफ इकबाल पिंक बॉल वाले डे-नाइट टेस्ट का समर्थन नहीं करते। इसके अलावा उन्हें चार दिन के टेस्ट भी पसंद नहीं हैं। हाल ही में भारतीय टीम ने श्रीलंका को उनके घर पर ही 4-0 से मात दी, जिनमें तीनों टेस्ट मैचों में श्रीलंका मैच को पांचवें दिन नहीं ले जा पाई और पहले ही हार को गले लगा लिया।

दिलचस्प बात ये है कि आसिफ इकबाल खुद 1970 के दशक में न्यूजीलैंड के खिलाफ चार दिनों के टेस्ट मैचों में खेले थे। इस पर उन्होंने कहा,”हां मैं उन चार दिनों के टेस्ट मैचों की सीरीज में खेला था, लेकिन उसके पहले और बाद में सभी टेस्ट चार दिनों के टेस्ट मैच नहीं थे। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में ज्यादा बदलाव नहीं किए जाने चाहिए और यह पिंक बॉल डे-नाइट टेस्ट मैच खत्म कर देना चाहिए।”

इकबाल ने आगे कहा, “टेस्ट क्रिकेट विंटेज (पुरानी शराब की तरह) क्रिकेट है। हमने ब्रैडमेन, हटन, गावस्कर, तेंदुलकर जैसे दिग्गजों को यह फॉर्मेट खेलते देखा है और इन्होंने 5 दिन के टेस्ट मैचों में कई रिकॉर्डस अपने नाम किए हैं। यह अब भी बहुत लोकप्रिय है और मुझे लगता है कि अगर डर ज्यादा पैसे न कमा पाना है तो ये न भूलें कि पूर्व में इसकी प्रतिस्पर्धा वनडे और टी20 क्रिकेट से नहीं थी।” [ये भी पढ़ें: करुण नायर ने खेली शानदार पारी, भारत ए ने दक्षिण अफ्रीका ए को 6 विकेट से दी मात]

“इसके अलावा टेलिवीजन को ज्यादा परिणाम देने वाली क्रिकेट चाहिए और उन्हें वो क्रिकेट खूब मिल भी रही है। यह आईसीसी और क्रिकेट बोर्ड के लिए पैसा बनाना है। मेरा सुझाव ये है कि उस पैसे को टेस्ट क्रिकेट की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाए। और गेट मनी की कीमत घटाई जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखने के लिए आ सकें और टेस्ट क्रिकेट के साथ खेल खेलना बंद करो। हाल ही में भारत और श्रीलंका के बीच खेली गई सीरीज और वेस्टइंडीज सीरीज का उदाहरण पेश करते हुए टेस्ट क्रिकेट को 4 दिनों का करने का बहाना न ढूंढें।”