pink ball test indw vs ausw excited to see what pink ball does in twilight period says mithali raj
मिताली राज @ICCTwitter

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय महिला टीम गुलाबी गेंद (INDw vs AUSw Pink Ball Test) से एकमात्र टेस्ट मैच खेलने को तैयार है. क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका है, जब भारतीय महिला टीम गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेगी. हालांकि इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच से पहले टीम को प्रैक्टिस के लिए दो ही दिन का समय मिला है और कप्तान मिताली राज (Mithlai Raj) यह देखने को उत्सुक हैं कि सूर्यास्त के समय गुलाबी गेंद का असर कैसा रहता है.

ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद भारतीय टीम ने 14 दिन का क्वॉरंटीन पूरा किया और फिर वनडे सीरीज खेली. गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट से पूर्व टीम को तैयारी का समय नहीं मिल सका. मिताली ने ऐतिहासिक टेस्ट से पूर्व कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव नहीं है. मैं भी पहली बार खेलूंगी लेकिन मैं यह जानने को उत्सुक हूं कि सूर्यास्त के समय कैसा रहता है क्योंकि सभी कहते हैं कि उस समय गुलाबी गेंद को खेलना कठिन है. मैं तभी कुछ कह सकूंगी जब इसका अनुभव होगा.’

चमक और दृश्यता बनाए रखने के लिए गुलाबी गेंद पर लैकर की अतिरिक्त परत चढ़ाई जाती है और यह दूधिया रोशनी में काफी उछाल लेती है. भारत को वनडे सीरीज में 1-2 से पराजय झेलनी पड़ी लेकिन उसने ऑस्ट्रेलिया का 26 मैचों का जीत का सिलसिला आखिरी मैच में तोड़ा.

मिताली ने कहा कि उस प्रदर्शन से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है. उन्होंने कहा, ‘यह टीम आत्मविश्वास से भरी है. वनडे वर्ल्ड कप से पहले सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ खेलना अच्छी तैयारी है. पहले मैच में हम अच्छा नहीं खेल सके और मैने खिलाड़ियों को तल्खी से समझाया था और उसके बाद प्रदर्शन बेहतर होता गया.’

भारत ने सात साल बाद पहला टेस्ट खेलते हुए इंग्लैंड को ड्रॉ पर रोका था. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट 2006 में खेला गया था. मिताली ने कहा कि तब से अब तक दोनों टीमों ने लंबा सफर तय किया है.

उन्होंने कहा, ‘वनडे फॉर्मेट में हमने बड़े स्कोर बनाए. यह अच्छी प्रतिस्पर्धी सीरीज थी. कुल मिलाकर पूरे विश्व में महिला क्रिकेट ने लंबा सफर तय किया है और भविष्य उज्ज्वल है.’

(इनपुट: भाषा)