Player like dilip vengsarkar should be in selection panel, says Farokh Engineer
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भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्‍लेबाज फारुख इंजीनियर  ने बीसीसीआई के मौजूदा चयन समिति की जमकर आलोचना की। उन्‍होंने एमएसके प्रसाद  की अध्‍यक्षता वाले पैनल की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा ि‍कि दिलीप वेंगसरकर के कद का खिलाड़ी चयन समिति में होना चाहिए।

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फारुख इंजीनियर ने पुणे में दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) की क्रिकेट अकादमी से जुड़े कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। मौजूदा चयन समिति में एमएसके प्रसाद के अलावा देवांग गांधी, सरनदीप सिंह, जतिन परांजपे और गगन खेड़ा हैं। 1961 से 1975 तक अपने करियर के दौरान फारुख इंजीनियर ने कुल 45 टेस्‍ट और पांच वनडे मुकाबले खेले।

टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा, “विराट कोहली के मजबूत नेतृत्‍व के कारण भारतीय टीम का चयन इस वक्‍त ज्‍यादा चिंता का विषय नहीं है। मौजूदा समय में हमारे पास मिकी माऊस (कार्टून का किरदार) जैसी चयन समिति है। पूरी प्रक्रिया में विराट की भूमिका बेहद मजबूत है, जो काफी अच्‍छा है।”

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इंजीनियर ने कहा, “चयन समिति में मौजूद सभी खिलाड़ियों ने कुल मिलाकर 12 टेस्‍ट मैच भी नहीं खेले हैं। ऐसे में उनका चयन इस पैनल में क्‍यों किया गया। वर्ल्‍ड कप के दौरान एक चयनकर्ता का तो नाम भी मुझे नहीं पता था।”

उन्‍होंने आगे कहा, “मैंने किसी से पूछा कि भारतीय क्रिकेट टीम के ब्‍लेजर में मौजूद यह व्‍यक्ति आखिर है कौन ? मुझे बताया गया कि वो चयनकर्ता है। ये सभी लोग वर्ल्‍ड कप के दौरान चयन समिति में बस अनुष्‍का शर्मा (Anushka Sharma) के लिए चाय लाने का काम कर रहे थे। मुझे लगता है कि दिलीप वेंगसरकर के कद का व्‍यक्ति चयन समिति में होना चाहिए।”

इस पूर्व खिलाड़ी ने विश्‍व कप के लिए रिषभ पंत (Rishabh Pant) की जगह दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) को वैकल्पिक विकेटकीपर बल्‍लेबाज के तौर पर चुने जाने की भी आलोचना की। “रिषभ पंत को वनडे से ड्रॉप नहीं किया जाना चाहिए था, बल्कि उन्‍हें कार्तिक की जगह वर्ल्‍ड कप भेजा जाना चाहिए था ताकि वो धोनी के नेतृत्‍व में अपनी काबिलियत को निखार पाते।”

बता दें कि वर्ल्‍ड कप के दौरान शिखर धवन के चोटिल होने के बाद उनके विकल्‍प के रूप में रिषभ पंत को इंग्‍लैंड भेजा गया था।