Players of all age-groups should be compensated for last season’s loss of games, feels BCCI working group

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के घरेलू क्रिकेट के लिये नवगठित कार्यसमूह के सदस्य सौराष्ट्र के जयदेव शाह (Jaydev Shah) को लगता है कि सिर्फ रणजी खिलाड़ियों को ही नहीं बल्कि सभी आयु वर्ग के क्रिकेटरों को पिछले सत्र में मैच नहीं होने का मुआवजा मिलना चाहिए. सौराष्ट्र के पूर्व कप्तान जयदेव ने कहा कि क्रिकेटरों को किस तरह मुआवजा दिया जायेगा और इसकी राशि कितनी होगी, इस पर फैसला बीसीसीआई सचिव जय शाह और अध्यक्ष सौरव गांगुली के साथ विचार विमर्श करने के बाद ही कार्यसमूह द्वारा किया जायेगा.

जयदेव ने पीटीआई से कहा, ‘‘कार्यसमूह अभी गठित किया गया है और हम जय भाई (बीसीसीआई सचिव) के मार्गदर्शन में काम करेंगे. अभी तक कोई समय सीमा तय नहीं की गयी है लेकिन मुझे लगता है कि मुआवजे की राशि भले ही कितनी भी हो, लेकिन इसे सभी आयु वर्ग के क्रिकेटरों को दिया जाना चाहिए. ’’

पैनल के अन्य सदस्य पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन, कर्नाटक के संतोष मेनन, असम के देवाजीत साइकिया, बंगाल क्रिकेट संघ अध्यक्ष अभिषेक डालमिया, उत्तर प्रदेश के युद्धवीर सिंह और दिल्ली के रोहन जेटली हैं.

घरेलू क्रिकेटर प्रत्येक सत्र में 15 से 16 लाख रुपये की कमाई करते हैं लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण पिछला रणजी सत्र रद्द करना पड़ा था जो इस टूर्नामेंट के 87 वर्ष के इतिहास में पहली बार हुआ था. सीनियर स्तर पर केवल टी20 और 50 ओवर की प्रतियोगितायें ही आयोजित की जा सकी थीं.

जयदेव ने यह भी सूचित किया कि अनुभवी बल्लेबाज शेल्डन जैकसन पुडुचेरी के साथ एक सत्र के बाद सौराष्ट्र में वापसी करने वाले हैं. इंडियन प्रीमियर लीग सत्र में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सदस्य जैकसन मार्च 2020 में सौराष्ट्र को अपनी पहली रणजी ट्राफी दिलाने के बाद बाहरी खिलाड़ी के तौर पर पुडुचेरी टीम में चले गये थे.

जयदेव ने कहा, ‘‘उसे पुडुचेरी से एनओसी (अनापत्ति पत्र) मिल गयी है और हम खुश हैं कि वह वापस आ गया है. वह सीनियर खिलाड़ी है और हमारे लिये काफी महत्वपूर्ण है.’’ इस बार 2021-2022 घरेलू सत्र सितंबर-अक्टूबर में महिला एक दिवसीय प्रतियोगिता के साथ शुरू हो रहा है जबकि पुरुष खिलाड़ियों का अभियान अक्टूबर-नवंबर में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के साथ शुरू होगा. रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट 16 नवंबर से 19 फरवरी तक खेला जाएगा.