players should be given chance on their form not on reputation says venkatesh prasad

विराट कोहली के रनों का सूखा खत्म ही नहीं हो रहा। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी20 इंटरनैशनल मैच में वह सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए। कोहली ने लगातार गेंदों पर चौका और छक्का लगाया। इसके बाद अगली ही गेंद पर वह डेविड विली का शिकार बन गए। कोहली का शॉट सीधा शॉर्ट कवर में खड़े जेसन रॉय के हाथों में गया।

इसके बाद सूर्यकुमार यादव ने 55 गेंद पर 117 रन बनाकर भारतीय टीम को मैच में वापसी करवाई। उन्होंने अपनी पारी में 14 चौके और छह छक्के लगाए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 50 से 100 तक पहुंचने में सिर्फ 16 गेंदों का सामना किया। हालांकि उनकी सेंचुरी भी भारत को जीत नहीं दिला पाई। इंग्लैंड के 7 विकेट पर 215 के जवाब में भारत की टीम नौ विकेट पर 198 रन ही बना पाई।

सूर्यकुमार यादव ने अपनी पारी से फैंस का खूब मनोरंजन किया लेकिन कोहली की खराब फॉर्म काफी लंबे से चल रही है। उन्होंने तीन टी20 इंटरनैशनल मैचों की सीरीज के दो मैचों में सिर्फ 12 रन बनाए। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने सिर्फ 31 रन बनाए थे।

अब यह सवाल उठने लगा कि आखिर टीम प्रबंधन कब तक सीनियर खिलाड़ियों पर भरोसा जताता रहेगा। लेकिन टीम इंडिया के पूर्व पेसर वेंकटेश प्रसाद का कहना है कि फॉर्म से बार चल रहे खिलाड़ियों को उनकी रेप्युटेशन की परवाह किए बगैर टीम से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने यह तक कहा कि कैसे सौरभ गांगुली, वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान को फॉर्म से बाहर होने पर टीम में अपनी जगह खोनी पड़ी थी।

प्रसाद ने ट्वीट किया, ‘एक वक्त होता है जब आप फॉर्म में नहीं होते, ऐसे में आपको रेप्युटेशन की परवाह किए बिना टीम से बाहर कर देना चाहिए। सौरभ, सहवाग, युवराज, जहीर, भज्जी, सभी को फॉर्म में नहीं होने पर ड्रॉप कर दिया गया था। वे घरेलू क्रिकेट में वापस लौटे, रन बनाए और वापसी की।’

उन्होंने आगे कहा, ‘अब पैमाना नाटकीय रूप से बदल गया है, जब आउट ऑफ फॉर्म होने पर आराम दिया जाता है। यह आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है। देश में काफई प्रतिभा है और सिर्फ रेप्युटेशन पर नहीं खेल सकते हैं। भारत के सबसे बड़े मैच विनर अनिल कुंबले भी कई बार बाहर बैठे, बड़े हित के लिए ऐक्शन लेना चाहिए।’

हालांकि कोहली पर कई सवाल उठ रहे हैं लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने अपने इस स्टार बल्लेबाज का साथ दिया है। शर्मा ने कपिल देव की कोहली पर की गई टिप्पणी के जवाब में कहा कि वह बाहर से देख रहे हैं और उन्हें टीम के अंदर क्या चल रहा है इसका कोई अंदाजा नहीं है। महान ऑलराउंडर कपिल देव ने कहा था कि अगर रविचंद्रन अश्विन को टेस्ट टीम से बाहर किया जा सकता है तो विराट कोहली को रन न बनाने पर टी20 से बाहर क्यों नहीं किया जा सकता।