भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 33 साल के ओझा लगभग सात सालों से अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे। वो आखिरी बार नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में खेले गए टेस्ट मैच में भारतीय जर्सी में नजर आए थे।

ट्विटर के जरिए संन्यास का ऐलान करने वाले ओझा ने लिखा, “ये मेरे जीवन के अगले चरण में आगे बढ़ने का समय है। आपका प्यार और समर्थन हमेशा मेरे साथ रहेगा और मुझे हर समय प्रेरित करेगा।”

फैंस के नाम लिखे अपने भावुक खत में ओझा ने लिखा, “मैं ये पत्र तत्काल प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करने के लिए लिख रहा हूं। भारतीय क्रिकेटर होना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा से मेरा सपना रहा है। ये कहने के लिए शब्द कम पड़ रहने हैं कि मैं कितना खुशकिस्मत हूं जो अपने इस सपने को जी सका और अपने देशवासियों का प्यार और सम्मान कमा सका। एक खिलाड़ी के लिए इससे बड़ा ईनाम नहीं सकता।”

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28 जून, 2009 को बांग्लादेश के खिलाफ कराची में खेले गए एशिया कप वनडे मैच से अंतराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले ओझा ने अपने करियर में भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी20 अंतराष्ट्रीय मैच खेले।

प्रथम श्रेणी करियर की बात करें तो भुवनेश्वर के इस खिलाड़ी ने बिहार और हैदराबाद की ओर से खेले 108 मैचों में 424 विकेट हासिल किए हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में ओझा डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस जैसी विजेता टीमों का हिस्सा रहे हैं।

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उन्होंने लिखा, “इंडियन प्रीमियर लीग के साथ भी मेरा सफर यादगार रहा है और पर्पल कै जीता इस याद का सबसे खूबसूरत हिस्सा है। डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस को मुझे अपने सफर का हिस्सा बनाने के लिए खास शुक्रिया।”

ओझा ने आगे लिखा, “बड़े भाई की तरह मेरा मार्गदर्शन करने वाले वीवीएस लक्ष्मण को शुक्रिया। मैं हमेशा जिनकी तरह बनना चाहता था, मेरे वो आदर्श बनने के लिए वेंकटपति राजू का शुक्रिया। मुझे हमेशा सलाह देने वाले हरभजन सिंह और मुझे टीम इंडिया की कैप पहनने का सम्मान देने वाले महेंद्र सिंह धोनी की शुक्रिया।”