Prithvi Shaw has to be mentally equipped to deal with the pressures, like Virat Kohli, Rohit Sharma: Wasim Jaffer
पृथ्वी शॉ (Getty images)

किसी भी खिलाड़ी के लिए क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से तुलना किया जाना बहुत बड़ी बात है, खासकर जब वो क्रिकेटर अपने करियर की शुरुआत ही कर रहा है। हालांकि इतने बड़े दिग्गज खिलाड़ी के साथ लगातार तुलना किए जाने के नकारात्मक पक्ष भी हैं। ऐसा ही कुछ युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के साथ हो रहा है।

20 साल के शॉ भारत के लिए धमाकेदार टेस्ट डेब्यू करने के बाद पहले एड़ी की चोट और फिर डोपिंग मामले की वजह से क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे और अब लॉकडाउन ने उन्हें अपने पसंदीदा खेल से दूर रखा है।

दिग्गज क्रिकेटर वसीम जाफर को इस युवा सलामी बल्लेबाज की काफी चिंता है। उन्होंने कहा, “वो एक खास प्रतिभा है और उसकी एड़ी की चोट और फिर प्रतिबंधित दवा सेवन मामले की वजह से उसके करियर ने जिस तरह का मोड़ लिया है, मैं उससे काफी निराश हूं।”

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एएफपी से बातचीत में जफर ने आगे कहा, “ये सब देखकर मुझे चिंता होती है क्योंकि वो एक बहुत प्रतिभावान खिलाड़ी है लेकिन उसे अनुशासनित होने की जरूरत है, अगर वो कुछ बड़ा हासिल करना चाहता है तो। वो भारतीय टीम के ऐसे समूह के बीच है, जहां उसके सामने विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे रोल मॉडल है।

विदर्भ के इस स्टार क्रिकेटर ने कहा, “काफी प्रतिद्वंद्विता है और उसने कई टेस्ट मैच मिस कर दिए। ऐसा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये उसके अपनी पूरी क्षमता के खेलने का समय है।”

जाफर ने कहा कि शॉ को किसी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की तरह दबाव से निपटने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना होगा। उन्होंने कहा, “जब भी आप शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करते हैं, मीडिया और लोग आपकी बहुत तारीफ करते हैं, लेकिन एक व्यक्ति के तौर पर सीखना आपकी जिम्मेदारी है।”

उन्होंने कहा. “विराट हमेशा जमीन से जुड़ा रहता है। मुंबई क्रिकेट सर्किट के हर उभरते हुए खिलाड़ी की तुलना तेंदुलकर के साथ की जाने लगती है। आखिरी में सारी बात प्रदर्शन पर आती है।