भारतीय क्रिकेट टीम के प्रतिभावान युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ की तुलना दिग्गज सचिन तेंदुलकर से की जाती है. टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले भारतीय बनने का गौरव हासिल कर चुके पृथ्वी इस तुलना को चुनौती के रूप में लेते हैं. पृथ्वी का कहना है कि तेंदुलकर सर ने उन्हें अपना नैसर्गिक खेल खेलने और मैदान के बार शांत रहने को कहा है. पृथ्वी ने यह बात अपनी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के साथ इंस्टाग्राम लाइव चैट में कही.

टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जमाने वाले भारतीय बल्लेबाज शॉ ने कहा, ‘उनका (सचिन) मेरे ऊपर बड़ा प्रभाव है. मैं जब 8 साल का था तब मैं उनसे पहली बार मिला था. उन्होंने हमेशा मुझसे अपना स्वाभाविक खेल और स्थिति के हिसाब से खेलने को कहा है. मैदान के बाहर उन्होंने मुझे शांत रहने को कहा है.’

श्रीसंत ने अख्तर के सुझाव को नकारा, बोले-भारत को पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने की जरूरत नहीं

शॉ ने बताया कि तेंदुलकर ने एक बार उनसे ग्रिप बदलने को मना कर दिया था. उन्होंने कहा, ‘मैं निचले हाथ को ज्यादा इस्तेमाल करने वाला खिलाड़ी हूं और सचिन सर ने मुझसे मेरी ग्रिप न बदलने को कहा था. मैं युवा था और प्रशिक्षकों की सलाह पर ग्रिप बदलता था, लेकिन सचिन सर के कहने के बाद मैंने ऐसा नहीं किया.’

अक्सर शॉ की तुलना सचिन से की जाती है. इस तुलना पर शॉ ने कहा, ‘जब लोग मेरी तुलना उनसे करते हैं तो दबाव बढ़ता है, लेकिन मैं इसे चुनौती की तरह लेता हूं. मैं उनकी तरह खेलने की कोशिश करता हूं. वह क्रिकेट के भगवान हैं.’

बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली बीते साल कैपिटल्स के मेंटर थे. उनके साथ समय बिताने को लेकर शॉ ने कहा, ‘उनके साथ शानदार अनुभव मिला और उन्होंने मेरी काफी मदद की, क्योंकि वह जानते हैं कि युवाओं को कैसे मोटिवेट करना है. यह शानदार अनुभव था.’

‘शिखर धवन के साथ पारी की आगाज करना पसंद करूंगा’

शॉ से जब अपना पसंदीदा सलामी जोड़ीदार पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘शिखर धवन क्योंकि मैंने अधिकतर समय उनके साथ ही पारी की शुरुआत की है.’

मोंटी पनेसर ने सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का किया चयन, सहवाग को विध्वंसक तो द्रविड़ को बताया महान खिलाड़ी

क्रिकेट के अलावा बाकी के अन्य पसंदीदा खेलों के बारे में शॉ ने कहा, ‘मैं गोल्फ, टेबल टेनिस खेलता हूं और तैराकी करता हूं.’ कोविड-19 के कारण लॉकडाउन में शॉ ने फिट रहने की अहमियत पर भी जोर दिया.