भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने 8 साल की उम्र से ही दिग्गज सचिन तेंदुलकर को अपना मार्गदर्शक बना लिया था. पृथ्वी ने ये बात इंस्टाग्राम पर बातचीत के दौरान स्वीकार की. उन्होंने कहा कि तेंदुलकर ने कई बार बातचीत की है जिसमें वह तकनीकी पहलुओं के बजाय बल्लेबाजी के मानसिक पहलुओं पर ज्यादा जोर देते है.

शॉ ने अपने नियोक्ता ‘इंडियन ऑयल’ के साथ इंस्टाग्राम पर बातचीत के सत्र में कहा, ‘मैं सचिन सर से जब पहली बार मिला था तब 8 साल का था और उसी समय से वह मेरे मार्गदर्शक है. मैंने उनसे मैदान के अंदर और बाहर के अनुशासन के अलावा और भी बहुत सी चीजें सीखी हैं.’

शॉ को इस बात की बेहद ही खुशी है कि तेंदुलकर अब भी अपने व्यस्त कार्यक्रम में से समय निकालकर अभ्यास करते हैं.

‘मानसिक पहलू के बारे में ज्यादा बताते हैं सचिन सर’

वेस्टइंडीज के खिलाफ राजकोट में अपने पदार्पण टेस्ट में शतक लगाने वाले शॉ ने कहा, ‘जब भी मैं अभ्यास करता हूं और सचिन सर वहां रहते है तो वह मुझे तकनीकी पहलू की जगह मानसिक पहलू के बारे में बताते है. सचिन सर और कई दूसरे कोचों की देखरेख में मेरा अब तक का सफर शानदार रहा है.’

करियर की शानदार शुरुआत के बाद शॉ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल होने के बाद टीम से बाहर हो गए थे. इसके बाद डोपिंग मामले में फंसने के कारण उन पर प्रतिबंध लगाया गया था. पृथ्वी को एक टैलेंटेड बल्लेबाज हैं और टीम को उनसे काफी उम्मीदें हैं.

4 टेस्ट खेल चुके हैं शॉ 

पृथ्वी ने 4 टेस्ट मैचों में एक शतक और दो अर्धशतक की मदद से 335 रन बनाए हैं. 22 फर्स्ट क्लास मैचों में पृथ्वी के नाम 2197 रन दर्ज है जिसमें 9 शतक और 10 अर्धशतक शामिल है.