Prithvi Shaw should play his natural game, need not bother about comparisons: Mohammed Azharuddin
Prithvi Shaw (File Photo) © IANS

वेस्‍टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्‍ट मैच को टीम इंडिया ने तीसरे ही दिन पारी और 272 रन से अपने नाम किया। इस मैच में डेब्‍यू कर रहे पृथ्‍वी शॉ ने जीत में अहम भूमिका निभाई। पृथ्‍वी ने 154 गेंद पर 134 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्‍होंने 19 चौके भी लगाए। डेब्‍यू मैच में ही इस लाजवाब पारी के लिए पृथ्‍वी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।

वेस्‍टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कार्ल हूपर ने हाल ही में कहा कि पृथ्‍वी को अपनी तकनीक में बदलाव करने की जरूरत है। अगर वो ऐसा नहीं करता है तो ऑस्‍ट्रेलिया और इंग्‍लैंड में खेलने के दौरान उन्‍हें काफी परेशानी हो सकती है। हालांकि इसके विपरीत कुछ क्रिकेट पंडितों ने पृथ्‍वी की तुलना सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग से करनी शुरू कर दी।

इस मामले में अब पूर्व कप्‍तान मोहम्‍मद अजहरुद्दीन का बयान आया है। स्‍पोर्ट्स स्‍टार से बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा, “महज 18 साल के बच्‍चे ने अपने डेब्‍यू मैच में ही शतक जड़ दिया है। ऐसा करना कोई आसान बात नहीं है। मुझे लगता है कि अभी से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्‍दबाजी होगा। अलग-अलग दौर के क्रिकेर्स से उसकी तुलना नहीं की जानी चाहिए।”

मोहम्‍मद अजहरुद्दीन ने भी अपने डेब्‍यू मैच में ही शतक जड़ा था। उनका मानना है कि हर खिलाड़ी अपने समय का बड़ा बल्‍लेबाज रहा है। आज का समय अलग है। पृथ्‍वी को बस अपना स्‍वाभाविक खेल खेलना चाहिए। जब अाप अपना स्‍वाभाविक क्रिकेट खेलते हो तो विफलता के मुकाबले आपके सफल होने की संभावना काफी अधिक होती है।

अजहरुद्दीन ने कहा, “पृथ्‍वी को अपनी तकनीक से ही खेलना चाहिए। हो सकता है कि वो कुछ समय तक फेल हो जाए, लेकिन ऐसा तो हर क्रिकेटर के साथ होता है। उसे किसी बड़े खिलाड़ी से तुलना होने को लेकर परेशान होने की जगह मैदान पर जाकर अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए।”