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Pujara vs Virat: टेस्ट में तो कोहली का भी बुरा हाल लेकिन बलि का बकरा सिर्फ चेतेश्वर पुजारा

चेतेश्वर पुजारा को टीम से बाहर किए जाने से सुनील गावस्कर भी बेहद नाराज हैं और उन्होंने सिलेक्टर्स को जमकर खरी खोटी सुनाई है.

virat pujara

@bcci

वेस्टइंडीज दौरे के लिए जब से टीम इंडिया का ऐलान हुआ है, सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस बीसीसीआई के सिलेक्शन के तरीके पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ चुनी गई भारतीय टेस्ट टीम से टीम इंडिया की दीवार कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

पुजारा को टीम से बाहर करने की वजह हाल ही में खेले गए वर्ल्ड टेस्ट टीम फाइनल में उनका खराब प्रदर्शन बताया जा रहा है. हालांकि अजिंक्य रहाणे को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज WTC फाइनल में रन नहीं बना सका लेकिन गाज गिरी सिर्फ चेतेश्वर पुजारा पर.

अब सवाल उठता है कि क्या पुजारा का हालिया प्रदर्शन इतना खराब रहा कि उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा? दरअसल, पुजारा की तरह विराट कोहली का भी पिछले कुछ सालों में प्रदर्शन खराब रहा है लेकिन टीम से छुट्टी हुई सिर्फ चेतेश्वर की.

पुजारा को टीम से बाहर किए जाने से सुनील गावस्कर भी बेहद नाराज हैं और उन्होंने सिलेक्टर्स को जमकर खरी खोटी सुनाई है. गावस्कर का मानना है कि पुजारा को सिर्फ बलि का बकरा बनाया गया है क्योंकि प्रदर्शन तो विराट कोहली और रोहित शर्मा का भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ WTC फाइनल में बेहद खराब रहा.

गावस्कर का ये तर्क काफी हद तक सही भी है क्योंकि 2020 के बाद से पुजारा और कोहली का प्रदर्शन लगभग एक सा रहा है. 2020 के बाद से चेतेश्वर पुजारा ने 28 मैचों की 52 पारियों में 29.69 के औसत से 1455 रन बनाए हैं जिसमें 11 शतक और 1 शतक शामिल हैं.

दूसरी तरफ विराट कोहली ने साल 2020 के बाद से खेले 25 मैचों की 44 पारियों में 29.69 की औसत से 1277 रन बनाए हैं. इस दौरान कोहली के बल्ले से सिर्फ 6 अर्धशतक और 1 शतक निकला है.

गौरतलब है कि पुजारा 2 बार टेस्ट टीम से बाहर हो चुके हैं लेकिन कोहली को अभी तक एक बार भी टीम से ड्रॉप नहीं किया गया है. ऐसे में ये सवाल उठना जायज है कि सिलेक्टर्स का पुजारा के साथ सौतेला व्यहार क्यों?

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