Akhilesh Tripathi
पत्रकारिता में करियर की शुरुआत साल 2013 मेंआर्यन टीवी (पटना) से हुई, फिर ईनाडु डिजीटल (ईटीवी हैदराबाद) में लगभग ...Read More
Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - January 13, 2026 6:34 PM IST

पंजाब ने मध्यप्रदेश को 183 रन से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया, वहीं विदर्भ ने दिल्ली को 76 रन से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. पंजाब और विदर्भ की सेमीफाइनल में एंट्री के साथ टूर्नामेंट का सेमीफाइनल लाइन अप तय हो गया है.
15 जनवरी को पहले सेमीफाइनल में कर्नाटक और विदर्भ की भिड़ंत होगी. वहीं 16 जनवरी को दूसरे सेमीफाइनल में पंजाब का सामना सौराष्ट्र से होगा.
पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर पंजाब ने कप्तान प्रभसिमरन सिंह के 86 गेंद में 88 रन, अनमोलप्रीत सिंह के 62 गेंद में 70, नेहाल वढेरा के 38 गेंद में 56 और हरनूर सिंह के 71 गेंद में 51 रन की मदद से छह विकेट पर 345 रन बनाए. रमनदीप सिंह ने 15 गेंद में 24 रन की पारी खेली. मध्यप्रदेश के लिये त्रिपुरेश सिंह और कप्तान वेंकटेश अय्यर ने दो दो विकेट लिये ।
जवाब में मध्यप्रदेश की टीम 31. 2 ओवर में 162 रन पर आउट हो गई.
पहले गेंदबाजी का अय्यर का फैसला सफल नहीं रहा और पंजाब को शानदार शुरूआत देते हुए प्रभसिमरन और हरनूर ने पहले विकेट के लिये 21 ओवर में 166 रन जोड़े. आर्यन पांडे नू 22वें ओवर में हरनूर को आउट करके मध्यप्रदेश को पहली सफलता दिलाई, लेकिन इसके बाद अनमोलप्रीत ने आकर तेजी से रन बनाना जारी रखा. प्रभसिमरन हालांकि शतक से चूक गए और कुलदीप सेन की गेंद पर 30वें ओवर में सारांश जैन को कैच दे बैठे. नमन धीर भी 23 रन बनाकर आउट हो गए और एस समय पंजाब का स्कोर तीन विकेट पर 199 रन था, वढेरा ने चौथे विकेट के लिये अनमोलप्रीत के साथ 76 रन की ताबड़तोड़ साझेदारी की.
जवाब में मध्यप्रदेश की शुरूआत खराब रही और 17वें ओवर में उसके पांच विकेट 66 रन पर गिर गए थे, रजत पाटीदार 40 गेंद में 38 रन बनाकर आउट हुए तब स्कोर सात विकेट पर 132 रन था. पाटीदार के अलावा त्रिपुरेश सिंह ने 31 रन बनाए. पंजाब के लिये सनवीर सिंह ने छह ओवर में 31 रन देकर तीन विकेट लिए.
पिछले सत्र के उपविजेता विदर्भ ने अनुशासित और ऑलराउंड खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को 76 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया. विदर्भ सेमीफाइनल में कर्नाटक का सामना करेगा, पिछले सत्र में इन दोनों टीमों के बीच फाइनल खेला गया था.
विदर्भ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 300 रन का चुनौती पूर्ण स्कोर बनाया. उसकी तरफ से यश राठौड़ ने 86 और सलामी बल्लेबाज अथर्व तायडे ने 62 रन का योगदान दिया. इसके जवाब में दिल्ली की टीम 45.1 ओवर में 224 रन पर आउट हो गई, उसे कप्तान ऋषभ पंत और उप कप्तान आयुष बडोनी की कमी खली। पंत चोटिल है जबकि बडोनी को न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है. उनके अनुपस्थिति में दिल्ली के बल्लेबाजों को विदर्भ के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण के सामने संघर्ष करना पड़ा। विदर्भ की तरफ से तेज गेंदबाज नचिकेत भूटे ने 7.1 ओवर में 51 रन देकर चार विकेट लिए.
बाएं हाथ के स्पिनर और कप्तान हर्ष दुबे ने भी नौ ओवरों में 36 रन देकर तीन विकेट लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जबकि नई गेंद के गेंदबाज प्रफुल हिंगे ने 54 रन देकर दो विकेट लेकर उपयोगी योगदान दिया. विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत ने दिल्ली के लिए अकेले संघर्ष करते हुए 98 गेंदों पर 66 रन बनाए, लेकिन यह टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था. छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए रावत ने शीर्ष और मध्य क्रम के लड़खड़ाने के बाद पारी को संभालने की कोशिश की और मयंक गुसांई (18), हर्ष त्यागी (27) और ऋतिक शोकीन (21) के साथ उपयोगी रन जोड़े, लेकिन नियमित अंतराल में विकेट गंवाने के कारण उनका प्रयास कामयाब नहीं रहा।
दिल्ली को 64 गेंदों में 98 रन चाहिए थे और चार विकेट शेष थे, रावत आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने के प्रयास में आउट हो गए. इसके बाद दिल्ली की पारी को सिमटने में देर नहीं लगी.
इससे पहले विदर्भ ने सलामी बल्लेबाज अमन मोखाडे (06) के जल्दी आउट होने के बाद तायडे (72 गेंदों में 62 रन) और ध्रुव शोरे (71 गेंदों में 49 रन) के बीच दूसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी से अच्छी वापसी की. दिल्ली के कप्तान इशांत शर्मा ने तायडे को बोल्ड करके लिस्ट ए क्रिकेट में अपना 200वां विकेट लिया. इशांत के अलावा दिल्ली की तरफ से नवदीप सैनी और प्रिंस यादव ने भी दो-दो विकेट लिए.
इनपुट- भाषा
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