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भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे के पहले पिच से छेड़छाड़ की बात सामने आने के बाद अब एक और खुलासा हुआ है कि जो एंटी-करप्शन यूनिट बीसीसीआई के पास है वह गैर-उपयोगी और गैर तैयारी वाली है। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक बीसीसीआई के एंटी करप्शन और सिक्यूरिटी यूनिट के चीफ नीरज कुमार ने कड़े रूप से प्रशासकों की समिति को लिखे लेटर में सिस्टम को सुधारने की बात कही है। इस बात की पुष्टि एक शीर्ष बीसीसीआई अधिकारी ने की।

नीरज कुमार का लेटर: “नीरज कुमार कुछ समय से इस पद को संभाल रहे हैं और उन्होंने कुछ महीने पहले सिस्टम को सुधारने के लिए अपने सुझाव दिए थे। आधारभूत समस्या जिसका उन्होंने सामना किया वह है कि उनकी टीम में योग्य अधिकारियों की खासी कमी थी। मौजूदा एसीएसयू टीम में सिर्फ 3 सदस्य हैं। कुमार लगातार कह रहे थे कि यहां ज्यादा लोगों को भर्ती करने की दरकार है। लेकिन बोर्ड के द्वारा इसपर अपनी सक्रियता दिखानी बाकी है।”

मौजूदा एससीएसयू सिस्टम पर: “यहांकोई निरंतरता नहीं है। हर साल कई सारे लोगों को यह काम करने के लिए कहा जाता है। उन्हें सिर्फ 4 घंटों में ट्रेन कर दिया जाता है। यह एक बड़ी कमी है।”

पैट्रोलिंग अधिकारियों की ट्रेनिंग के बारे में: “तीन अधिकारियों को ये अधिकार दिया गया है कि कौन पिच और ड्रेसिंग रूम एरिया में जा सकता है। लेकिन इन लोगों की बहुत कम निगरानी रखी जाती है।”

आईसीसी ने शुरू की पांडुरंग सालगांवकर के खिलाफ जांच
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गौरतलब है कि पांडुरंग सालगोचर, जो पिच ग्राउंड के पिच मैनेजर हैं वे एक टीवी चैनल के द्वारा किए गए स्टिंग में यह कहते हुए पाए गए कि उन्होंने मैच के पहले पिच में कुछ मनमाने बदलाव किए हैं। जब यह बात बाहर आई तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सालगोचर को एमसीए से बैन कर दिया और आईसीसी अधिकारियों ने मैच को समय से शुरू करने के लिए अपनी सहमति दे दी।