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ऑस्ट्रेलिया के पू्र्व बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने हाल ही में आधुनिक क्रिकेट के विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कई क्रिकेटरों की तुलना की और इसी दौरान जब उनसे पूछा गया कि वह हरभजन सिंह और आर. अश्विन में से किसे आक्रामक गेंदबाज मानते हैं तो उन्होंने हरभजन सिंह को चुना। एनडीटीवी में छपी खबर के मुताबिक हेडन ने कहा कि अश्विन को उनके द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का बहुत श्रेय जाता है।

बहरहाल, उन्होंने कहा कि अश्विन निश्चित तौर पर हरभजन की तरह आक्रामक गेंदबाज नहीं हैं। उन्होंने अपनी बात को आगे बताते हुए कहा कि शायद अश्विन को ज्यादा आक्रामक होने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके साथ टीम में उमेश यादव और मोहम्मद शमी जैसे बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं। लेकिन ये बात हरभजन सिंह के साथ नहीं लागू होती थी। इसलिए उन्हें आक्रामक होना पड़ा क्योंकि उनके पास अश्विन जैसा विशेषाधिकार नहीं था।

मैथ्यू हेडन ने कहा, “मुझे लगता है कि आंकड़े अक्सर झूठ बोलते हैं, कुछ कीर्तिमान अश्विन की इज्जत कई गुना बढ़ा देते हैं, वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। अगर वह और पांच साल खेलते हैं, तो भी उन्हें अपनी जेनरेशन के एक महान गेंदबाज के रूप में याद रखा जाएगा। हरभजन सिंह की ही तरह उनकी स्किल-सेट बेहतरीन है लेकिन वह हरभजन सिंह इतने आक्रामक ऑफ स्पिनर नहीं हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन फिर अश्विन को हरभजन की तरह आक्रामक बनने की जरूरत नहीं है क्योंकि टीम में उनका रोल साथ में अच्छे तेज गेंदबाजों के होने से ज्यादा असरकारी हो जाता है। आपकी टीम में भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, वहीं जसप्रीत बुमराह और जडेजा जैसे गेंदबाज हैं। इसलिए अश्विन अच्छी भूमिका निभा रहे हैं और सफलतापूर्वक खेल रहे हैं।”

उन्होंने आगे हरभजन सिंह के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि वह एक ऐसे गेंदबाज हैं जो बल्लेबाजों को दबाव में ले आते हैं। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह के समय अच्छे तेज गेंदबाज नहीं थे जो उनका साथ देते। इसलिए टीम अक्सर विकेट लेने के लिए उनपर निर्भर रहती है और वह शायद ही कभी निराश करते थे। उस समय वह अकेले थे जो टीम इंडिया में अपनी भूमिका निभाते थे।

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हेडन ने कहा, “मुझे लगता है कि हरभजन अपने जमाने में आक्रामक गेंदबाज थे खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ। अगर भज्जी विकेट नहीं ले रहे होते थे तो टीम इंडिया परेशानी में होती थी। मुझे नहीं लगता कि वेंकटेश प्रसाद बहुत अच्छे टेस्ट गेंदबाज थे। मुझे लगता है कि हरभजन सिंह अकेले अपनी भूमिका निभाते थे। पूरे सम्मान के साथ, जहीर खान और जवागल श्रीनाथ बेहतरीन गेंदबाज थे लेकिन मुझे लगता है कि जो गेंदबाज अभी थे उनके मुकाबले वे कम खतरनाक थे।”