ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद टीम इंडिया से बाहर होने के बाद पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने घरेलू क्रिकेट में आते ही अपने खेल का रुख बदल लिया. उन्होंने पहले धमाकेदार अंदाज में विजय हजारे ट्रॉफी में ताबड़तोड़ रन कूटे और इसके बाद आईपीएल में भी अपना जलवा बरकरार रखा. हालांकि शॉ को इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया. पृथ्वी ने हाल ही में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के साथ बिताए अपने अनुभव को याद किया. उन्होंने कहा कि द्रविड़ सर ने उन्हें कभी भी अपनी शैली और स्वभाविक खेल बदलने को नहीं कहा.

भारतीय टीम का यह ओपनिंग बल्लेबाज क्रिकबज से एक खास चैट शो में बात कर रहा था. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘हमने द्रविड़ सर के साथ 2 साल पहले दौरा किया था. हमें पता था कि वह अलग हैं लेकिन उन्होंने कभी भी हम लोगों से अपने जैसा बनने का दबाव नहीं डाला. उन्होंने कभी भी मुझसे कुछ भी बदलने के लिए नहीं कहा. द्रविड़ सर हमेशा मुझे स्वभाविक खेल खेलने के लिए कहते थे.’

शॉ की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने वर्ल्ड कप जीता था और उस वक्त द्रविड़ टीम के कोच थे. शॉ ने कहा, ‘जब द्रविड़ सर होते हैं तो आपको अनुशासित होकर रहना पड़ता है. उनसे थोड़ा डर लगता है लेकिन मैदान के बाहर वह हमारे साथ दोस्त की तरह रहते थे.’

उन्होंने कहा, ‘द्रविड़ सर हमारे साथ डिनर के लिए जाते थे और उन जैसे लेजेंड खिलाड़ी के साथ डिनर करने का मेरा सपना सच हुआ था. कोई भी युवा खिलाड़ी लेजेंड क्रिकेटर के साथ डिनर करना पसंद करेगा, जिन्होंने 15-16 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है. उनके साथ बात करना मेरे लिए अच्छा अनुभव रहा.’

शॉ ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि द्रविड़ सर भी अंडर-19 और रणजी ट्रॉफी के समय में इस दौर से गुजरे होंगे. उन्हें पता है कि दौरे के दौरान हम लोगों से किस तरह प्रदर्शन कराना है.’ उन्होंने कहा, ‘द्रविड़ सर हर एक खिलाड़ी से बात करते थे जो काफी अच्छा था. मुझे बस वह यह कहते थे कि अपना स्वभाविक खेल खेलो.’