Rahul Dravid was really invested in India becoming the best team in the world but some senior players showed resistance: Greg Chappell
राहुल द्रविड़ (File photo)

पूर्व क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रहे ग्रेग चैपल का कहना है कि उनके कार्यकाल के दौरान कप्तान रहे राहुल द्रविड़ टीम इंडिया को सर्वश्रेष्ठ बनते देखना चाहते थे लेकिन बाकी खिलाड़ियों की सोच कुछ अलग थी।

याद दिला दें कि टीम इंडिया के साथ चैपल के कार्यकाल के दौरान कई पूर्व खिलाड़ियों खासकर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ उनके विवाद की खबरें चर्चा का विषय थी। पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और हरभजन सिंह उन खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने चैपल-गांगुली विवाद को लेकर बयान दिए थे।

अब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने एक बार फिर टीम इंडिया के साथ अपने समय को याद किया है और तत्कालीन कप्तान द्रविड़ की जमकर तारीफ की है।

चैपल ने क्रिकेट लाइफ स्टोरीज पॉडकास्ट में कहा, “द्रविड़ वास्तव में भारत में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बनने में निवेशित थे। दुख की बात है कि टीम में सभी की भावना समान नहीं थी। वो टीम में रहने पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी विरोध जता रहे थे क्योंकि उनके करियर खत्म होने की कगार पर थे।”

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चैपल के मुताबिक गांगुली को कप्तान पद से हटाना और फिर टीम से बाहर करना उन खिलाड़ियों के लिए एक संदेश था। लेकिन पूर्व कप्तान के दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले प्लेइंग इलेवन में लौटने के बाद ये विरोध बंद हो गया। इस कदम ने चैपल के टीम इंडिया के कोच का पद छोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, “जब सौरव को टीम से बाहर किया गया, तो खिलाड़ियों ने इस पर ध्यान दिया, क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि अगर वो जा सकते हैं, तो कोई भी जा सकता है। हमारे अगले 12 महीने बहुत अच्छे थे, लेकिन फिर प्रतिरोध बहुत अधिक हो गया, गांगुली वापस आ गए। खिलाड़ियों का संदेश ज़ोरदार और स्पष्ट था – ‘हमें बदलाव नहीं चाहिए’ भले ही बोर्ड ने मुझे नया कॉन्ट्रैक्ट ऑफर किया हो, लेकिन मैंने तय किया कि मुझे उस तरह के स्ट्रेस की जरूरत नहीं है।”