राहुल द्रविड़ © Getty Images
राहुल द्रविड़ © Getty Images

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इस समय पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के ‘हितों के टकराव’ के मुद्दे के संघर्ष से निपटने के लिए अपने तरीके से काम कर रही है। राहुल द्रविड़ भारत ए और भारत अंडर-19 टीम के कोच हैं। साथ ही वह आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम से भी जुड़े हैं। हाल ही में प्रशासनिक समिति के प्रमुख ने राष्ट्रीय कोचों के अनुबंध में बदलाव किए हैं। जिसके मुताबिक अब से किसी भी राष्ट्रीय कोच को आईपीएल में भाग लेने के लिए दो महीने का समय नहीं दिया जाएगा। इस नियम के मुताबिक राहुल को दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के कोच का पद छोड़ना पड़ जाएगा। इसके बाद राहुल ने समिति को पत्र लिखकर अपनी स्थिति के बारे में बताया। जिसके बाद बीसीसीआई ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।

इस मामले पर टाइम्स ऑफ इंडिया ने बीसीसीआई अधिकारी के हवाले से लिखा है कि, “राष्ट्रीय टीम से जुड़े हर पद को किसी भी स्थिति में बाकी पदों से ऊंचा समझा जाना चाहिए। यह किसी भी शख्स की निजी इच्छा है कि वह राष्ट्रीय टीम के साथ साल भर काम करके अच्छा मेहनताना पाना चाहता है या फिर आईपीएल में कुछ समय काम करके उतना ही पैसा कम समय में पाना चाहता है। अगर आप आईपीएल में काम करना चाहते हैं और बाकी समय में दूसरे काम करना चाहते हैं तो ये आप पर है लेकिन आप एक साथ दोनों काम नहीं कर सकते। अगर इसे और मुश्किल बनाना चाहते हैं और एक बार फुटबॉल सर्किट के काम करने के तरीके पर नजर डालें।” [ये भी पढ़ें: युवराज सिंह के पास है जादुई शक्तियां?]

उन्होंने आगे कहा,  “सवाल यह नहीं है कि राहुल आईपीएल टीम के कोच रहते हुए राष्ट्रीय कोच बने रहेंगे या नहीं। सवाल ये है कि बुनियादी प्रशासन नीतियों को लागू करने के लिए संघर्ष करने के बाद भी क्या बीसीसीआई अपनी सोच को लेकर स्पष्ट है।” इस बीच बीसीसीआई एक ड्रॉफ्ट पेश करने पर काम कर रहा है, जो यह निर्धारित करता है कि हितों के टकराव के विवाद को कितना कम किया जा सकता है।