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- Rajasthan Royals manager Romi Bhinder was using phone in dugout as a precautionary measure; he had his lungs collapse in past Says Report
डगआउट में क्यों फोन चला रहे थे राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर ? हुआ बड़ा खुलासा
नियमों के मुताबिक, IPL के 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफ़िशियल्स एरिया' (PMOA) के नियमों के मुताबिक, टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फ़ोन इस्तेमाल कर सकता है.
Published On Apr 13, 2026, 03:35 PM IST
Last UpdatedApr 13, 2026, 03:35 PM IST
Romi Bhinder
राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को IPL मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने पर लेकर हंगामा मचा है. इस घटना के बाद एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. अब इस विवाद में एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है.
गुवाहाटी के ACA स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख़िलाफ़ IPL 2026 मैच के दौरान, टीवी कैमरों में एक घटना लाइव कैद हुई, इसमें रोमी भिंडर को डगआउट में बैठे हुए एक डिवाइस इस्तेमाल करते देखा गया, उनके बगल में बाएं हाथ के विस्फोटक ओपनर वैभव सूर्यवंशी बैठे थे, जो स्क्रीन की तरफ़ देख रहे थे, यह फुटेज देखते ही देखते वायरल हो गया.
मामले की जांच में जुटी बीसीसीआई
नियमों के मुताबिक, IPL के ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफ़िशियल्स एरिया’ (PMOA) के नियमों के मुताबिक, टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फ़ोन इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन डगआउट में ‘नहीं’. मामले को लेकर हंगामा बढ़ा तो बीसीसीआई ने इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है.
फोन इस्तेमाल करने की वजह मेडिकल कंडीशन !
‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, भिंडर एहतियात के तौर पर फ़ोन अपने पास रखे हुए थे, क्योंकि अतीत में उनके दोनों फेफड़े कोलैप्स हो गए थे, उन्हें लगभग एक हफ़्ते तक वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिसके बाद उन्हें ICU में शिफ़्ट कर दिया गया, जहां उन्होंने लगभग तीन हफ़्ते बिताए थे.
रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से आगे कहा गया है, रोमी को नियमों और क़ायदों की जानकारी है, लेकिन मेडिकल कारणों से फ़ोन उनके पास था, इसके अलावा, प्रोटोकॉल के अनुसार डगआउट में मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप रखना मना नहीं है, समस्या सिर्फ़ उसके इस्तेमाल को लेकर थी, लेकिन फिर भी, वह न तो किसी को कॉल कर रहे थे और न ही किसी का कॉल रिसीव कर रहे थे, वह बस अपने फ़ोन पर कुछ देख रहे थे, उनके पास समय है और वह ACSU अधिकारियों को अपना पक्ष समझाने की कोशिश करेंगे.
रिपोर्ट में आगे कहा गया, हमें उम्मीद है कि ACSU अधिकारी किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले रोमी की मेडिकल स्थिति को ध्यान में रखेंगे, समस्या यह थी कि ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए उन्हें लगभग 50 कदम चलने के बाद 20 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती थीं, और डगआउट में वापस आने के लिए भी उन्हें यही करना पड़ता था, इसी वजह से शायद उन्हें डगआउट में ही फ़ोन देखना पड़ा.
2008 से RR के बैक-रूम स्टाफ़ का हिस्सा हैं रोमी भिंडर
टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, BCCI की एंटी-करप्शन और सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) के प्रमुख की तरफ से नियुक्त दो BCCI एंटी-करप्शन मैनेजर PMOA के प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार होते हैं. उनकी ज़िम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि उचित व्यवस्थाएं हों और सुरक्षा कर्मियों को पूरी जानकारी दी गई हो. राजस्थान आज सनराइजर्स हैदराबाद का सामना करने वाला है, इसलिए यह देखना बाकी है कि भिंडर PMOA क्षेत्र में नज़र आते हैं या नहीं. भिंडर 2008 से RR के बैक-रूम स्टाफ़ के एक अभिन्न सदस्य रहे हैं और IPL में सूर्यवंशी के ‘स्थानीय अभिभावक’ के रूप में भी कार्य करते हैं.