© Getty Images (Representational Photo)
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राजस्थान क्रिकेट के अच्छे दिन आ गए हैं। मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट की एक बेंच ने घोषणा की कि राजस्थान के क्रिकेटर भारतीय घरेलू टूर्नामेंटों में खेल सकते हैं। दरअसल ललित मोदी के राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन रहने की वजह से बीसीसीआई ने स्टेट बॉडी को बैन कर दिया था। अब मोदी को राजस्थान क्रिकेट ने बर्खास्त कर दिया है इस तरह से वो अब बीसीसीआई के निर्देशों के अंतर्गत फिर से आ गए हैं। इसके चलते राज्य के क्रिकेटरों को काफी राहत मिलेगी जो अब रणजी ट्रॉफी 2017-18 सीजन में खेल सकेंगे।

मंगलवार तक जब बीसीसीआई और राजस्थान क्रिकेट के बीच आपस में कोई बात नहीं बनी तो जस्टिस मनीष भंडारी ने अपने फैसले को सुनाया। क्रिकेट राजस्थान के संयोजक केवीपी राव ने बताया कि वह नियंत्रण लेने के लिए तैयार हैं। राजस्थान टीम अपना पहला मैच जम्मू- कश्मीर के साथ अक्टूबर 8 को खेलेगी। राव और उनकी टीम को जल्दी से जल्दी अपनी तैयारियां शुरू करनी होंगी, क्योंकि उनके पास ज्यादा समय नहीं है। सबसे पहला काम होगा टूर्नामेंट का आयोजन करना और ट्रायल शुरू करना ताकि टीम का चयन किया जा सके। [ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी दूतावास में हुई इमरान ताहिर से बदसलूकी]

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के कुछ अधिकारी अबतक कोई भी क्रिकेट से जुड़ी गतिविधि का आयोजन करने में असफल रहे हैं। इसका एक कारण है पैसों की कमी। जैसा कि टीम राजस्थान की एक बार फिर से वापसी हो गई है तो बीसीसीआई को जल्दी ही फंड जारी करने होंगे। कम से कम शुरुआती गतिविधियों जैसे ट्रायल्स और अलग-अलद जिलों में टूर्नामेंट आयोजित करने को लेकर। सीनियर टीम का चयन राजस्थान रणजी ट्रॉफी टीम के पूर्व कप्तान विनोद माथुर, संजय व्यास और नाजमुल हुसैन करेंगे। सुखविंदर सिंह, प्रमोद यादव और कुलदीप सिंह जूनियर सिलेक्शन कमिटी का कार्यभार संभालेंगे।