15 जनवरी से इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे महेंद्र सिंह धोनी।  © Getty Images
15 जनवरी से इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे महेंद्र सिंह धोनी। © Getty Images

रणजी ट्रॉफी 2016-17 टूर्नामेंट अब अपने आखिरी मुकाम तक आ चुका है। चारों क्वार्टर फाइनल मैच अब खत्म हो चुके हैं और सेमीफाइनल की तैयारियां जोरों पर हैं। सेमीफाइनल में पहुंची चारों टीमे हैं तमिलनाडू, झारखंड, मुंबई, गुजरात। इनमें से झारखंड की टीम सबसे ज्यादा लाइमलाइट में हैं क्योंकि भारत के सीमित ओवर के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस टीम के अनाधिकारिक मेंटोर हैं। धोनी टूर्नामेंट की शुरूआत से ही झारखंड टीम के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। रविवार 1 जनवरी को नागपुर में गुजरात के खिलाफ खेले जाने वाले सेमीफाइनल मैच में भी धोनी अपनी टीम का साथ देने के लिए उपस्थित रहेंगे। धोनी साल 2014 में ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और तब से ही वह क्रिकेट के इस प्रारूप में भी निष्क्रिय हैं। ये भी पढ़ें: साल 2016 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हासिल की बड़ी उपलब्धियां

पीटीआई से बात करते हुए टीम मैनेजमेंट के एक सदस्य ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “वह नागपुर आ सकते हैं। वह यहां खुद आना चाहते हैं। उनके साथ बातचीत खिलाड़ियों के लिए हमेशा ही मददगार साबित होती है।” वहीं इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज भी 15 जनवरी से शुरू हो रही है। इस वजह से शायद धोनी पूरे मैच के दौरान वहां मौजूद न रह सकें। धोनी झारखंड के ही रहने वाले हैं और इस जगह से उनका खास लगाव है। इस वजह से ही वह जब राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेल रहे होते हैं तो वह स्टेट टीम के साथ समय बिताते हैं। हालांकि यह काफी कम बार होता है कि राष्ट्रीय टीम का कप्तान स्टेट टीम को प्रशिक्षण दे लेकिन धोनी अक्सर ही ऐसा करते हैं और उन्हें इससे कोई आपत्ति भी नहीं हैं। धोनी ने रणजी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले टीम के लिए आयोजित किए गए सत्र पूर्व कैम्प में भी भाग लिया था। इसके बाद उन्होंने चेन्नई में भी बूची बाबू टूर्नामेंट के दौरान टीम के साथ कुछ वक्त बिताया था। ये भी पढ़ें: साल 2016 में भारतीय गेंदबाजी के पांच सबसे यादगार पल

खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के साथ धोनी अहम नेट सेशन्स में भी टीम के साथ रहते हैं। 25 फरवरी से शुरू हो रहे विजय हजारे टूर्नामेंट होने तक धोनी को इंग्लैंड के साथ वनडे सीरीज क अलावा कोई बड़ा मैच नहीं खेलना है।