गुजरात की टीम बनी थी 2016 में चैंपियन © CricketCountry
गुजरात की टीम बनी थी 2016 में चैंपियन © CricketCountry

रणजी ट्रॉफी का 84वां सीजन शुक्रवार से शुरू होगा जिसमें भारतीय क्रिकेट के स्टार खिलाड़ी घरेलू और विपक्षी टीम के मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते दिखायी देंगे। टूर्नामेंट में फिर से घरेलू और विपक्षी टीमों के मैदान पर मैच फॉर्मेट की वापसी हो रही है। भारत अगला टेस्ट 16 नवंबर को खेलेगा जिससे रविचंद्रन अश्विन और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों को प्रीमियर घरेलू टूर्नामेंट में अपनी राज्य की टीम के अभियान में योगदान देने के अलावा कुछ अतिरिक्त मैच अभ्यास करने का मौका मिल जायेगा।

अश्विन के अलावा टेस्ट सलामी बल्लेबाज मुरली विजय से तमिलनाडु की टीम को मजबूती मिलेगी जो आंध्र के खिलाफ घरेलू मैदान पर शुरूआती मैच खेलेगी। अभिनव मुकुंद तमिलनाडु के कप्तान होंगे जिन्हें श्रीलंका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में भारत के रिजर्व सलामी बल्लेबाज के रूप में रखा गया था। पुजारा ने भी अश्विन की तरह इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया, वह जयदेव शाह की अनुपस्थिति में सौराष्ट्र की कप्तानी करेंगे। उनके साथ बायें हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा भी मौजूद रहेंगे जो वनडे और टी20 टीम से बाहर हैं।

टेस्ट विकेटकीपर रिद्धिमान साहा और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पालम में सेना के खिलाफ बंगाल के पहले दौर के मैच में खेलेंगे। गौतम गंभीर के कप्तानी छोड़ने के बाद ईशांत शर्मा दिल्ली की टीम की अगुवाई करेंगे। उन्हें श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में एक भी मैच नहीं दिया गया, जिससे वह अच्छा प्रदर्शन करने को बेताब होंगे। कपिल देव के साथ हार्दिक पांड्या की तुलना जल्दबाजी: सहवाग

इरफान पठान फिर से बड़ौदा की अगुवाई करेंगे, उन्होंने पारंपरिक प्रारूप की वापसी का स्वागत किया लेकिन कहा कि तटस्थ स्थल पर मैचों का आयोजन आजमाने के लिये सही था। इस बार सभी 28 टीमें बराबर संख्या में मैच खेलेंगी जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है और हर पूल से दो टॉप टीमें क्वार्टरफाइनल में एंट्री करेंगी। रणजी ट्रॉफी को अब काफी अहमियत दी जा रही है जिसमें भारतीय खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा प्रथम श्रेणी के मैच का हिस्सा होने के लिये कहा जा रहा है।