ranji trophy 2018-19: A record 37 teams, including seven debutants

पूर्वोत्तर की डेब्यू कर रही सात टीमों सहित रिकॉर्ड कुल 37 टीमें गुरुवार से शुरू हो रहे रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट में चुनौती पेश करेंगी।

मणिपुर, अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, उत्तराखंड, सिक्किम, नगालैंड, मेघालय, बिहार और पुडुचेरी की नई टीमों ने हाल में 50 ओवर के विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था लेकिन लाल गेंद से क्रिकेट खेलना अधिक बड़ी चुनौती होगी।

ये नौ टीमें प्लेट ग्रुप में एक दूसरे के खिलाफ भिड़ेंगी जैसा कि उन्होंने हाल में विजय हजारे ट्रॉफी में किया था। जहां 18 साल बाद घरेलू क्रिकेट में वापसी कर रहे बिहार ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इनमें से अधिकांश टीमें हालांकि इस सत्र में अपने बाहरी खिलाड़ियों पर निर्भर हैं।

टूर्नामेंट के दौरान 50 से अधिक मैदानों का इस्तेमाल किया जाएगा। बीसीसीआई के क्रिकेट संचालन महाप्रबंधक सबा करीम ने कहा, ‘‘नई टीमों ने अपनी क्षमता दिखाई है। इसमें कोई शक नहीं कि रणजी ट्रॉफी उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी लेकिन मैं यह देखने को उत्सुक हूं कि वे बाहरी खिलाड़ियों की मदद से कैसा प्रदर्शन करते हैं।’’

इस बीच घरेलू स्तर के स्टार खिलाड़ी ग्रुप ए, बी और सी में नजर आएंगे। टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा के सौराष्ट्र की ओर से पहले मैच में छत्तीसगढ़ के खिलाफ खेलने की उम्मीद है जबकि स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और मुरली विजय को मध्य प्रदेश के खिलाफ पहले मैच के लिए तमिलनाडु की टीम में जगह दी गई है।

ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट की सीरीज और न्यूजीलैंड के ए टीम के दौरे के लिए खिलाड़ियों का चयन पहले ही हो चुका है और ऐसे में रणजी ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिलने की उम्मीद नहीं है।

ग्रुप ए को सबसे कड़ा ग्रुप माना जा रहा है जिसमें कई बार का चैंपियन मुंबई, कर्नाटक, महाराष्ट्र, सौराष्ट्र, रेलवे, छत्तीसगढ़, विदर्भ और गुजरात शामिल है। गुजरात ने पिछले साल अपना पहला रणजी खिताब जीता जबकि विदर्भ उससे एक सत्र पहले का चैंपियन है।