Rashid Khan wants to win ICC World Cup for Afghanistan
राशिद खान © Getty Images

अगर किसी खिलाड़ी ने विश्व क्रिकेट में अफगानिस्तान को एक अलग पहचान दिलाई है तो वो हैं राशिद खान। 19 साल के इस युवा लेग स्पिनर ने अपनी गुगली से दुनिया के बड़े बड़े बल्लेबाजों को मात दी है। अफगानिस्तान में राशिद खान का दर्जा किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। आप उनकी पॉपुलेरिटी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि काबुल स्टेडियम के पास हुआ आत्मघाती हमला भी उनके फैंस को उनका मैच देखने से रोक नहीं सका। राशिद ने हाल ही में एएफपी को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा कि वो अफगानिस्तान को जिताने के लिए खेलते हैं और अपनी टीम को वर्ल्ड कप जिताना चाहते हैं।

आईपीएल-सीपीएल जैसे लीग में खेल चुके राशिद अब घरेलू मैदान पर खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अब मैं दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ अपने घर में खेलना चाहता हूं।” अपनी टीम के लिए बड़े सपने देखने वाले राशिद ने कहा कि वह अफगानिस्तान को विश्व कप जिताना चाहते हैं और यही उनकी जिंदगी की मकसद है। राशिद का ये बयान अभी ख्वाब जैसा लगता है लेकिन टेस्ट दर्जा हासिल कर चुकी अफगानिस्तान टीम ने इस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। [ये भी पढ़ें: सौरव गांगुली ने कहा साउथ अफ्रीका में होगी विराट की अग्निपरीक्षा]

क्रिकेटर बनने तक का राशिद का सफर काफी मुश्किल था। राशिद का जन्म भी तब हुआ जब अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा था। अफगानिस्तान का इतिहास आतंकी हमलों के किस्सों से भरा है, अफगान टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों का खेल से परिचय रिफ्यूजी कैंपों में हुआ। नांगरहार के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले राशिद खान 12 भाई-बहनों के साथ पले-बढ़ें हैं। उन्होंने टेनिस गेंद से क्रिकेट खेलना शुरू किया था और आज वह दुनिया के बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों में से एक हैं।

राशिद खान मोहम्मद नबी के अलावा इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने वाले अकेले अफगानिस्तानी क्रिकेटर हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए राशिद ने रोहित शर्मा, विराट कोहली, गौतम गंभीर जैसे स्पिन को खेलने में माहिर बल्लेबाजों को अपनी गुगली से चकमा दिया है।