Ratnakar Shetty criticise CoA Vinod Rai for modifying domicile rule in the middle of the season
Vinod Rai (File Photo) © AFP

बीसीसीआई का संचालन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त किए गए सीओए विनोद राय इन दिनों एक नियम में परिवर्तन करने के कारण रत्नाकर शेट्टी के निशाने पर आ गए। दरअसल, विनोद राय ने नियमों में छूट देते हुए जिन सरकारी कर्मचारियों का एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर हो जाता है उनके बच्‍चाें काे भी अपने नए शहर के घर (डोमिसाइल) के आधार पर वहां से क्रिकेट खेलने की इजाजत दी है। उन्‍हें अपने नए शहर का लोकल खिलाड़ी ही समझा जाएगा।

ऐसा करने वाले खिलाड़ियों को अपने पिता के ट्रांसफर से जुड़े कागजात और नए शहर का आधार कार्ड दिखाना होगा। बताया जा रहा है कि सीओए ने इस नियम में परिवर्तन से पहले तकनीकी समिति से सलाह नहीं ली, जिसके कारण बीसीसीआई के अधिकारियों में इसे लेकर नाराजगी है।

मौजूदा समय में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के साथ जुड़े रत्नाकर शेट्टी ने इस बाबत बीसीसीआई के जनरल मैनेजर सबा करीम को ईमेल लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक शेट्टी ने अपने मेल में लिखा है कि योग्‍यता नियमों में परिवर्तन अक्‍सर क्रिकेट सीजन की शुरुआत में किया जाता है। बेहद दुख की बात है कि इस बार नियम सीजन क बीच में ही बदल दिया गया। बीसीसीआई के सभी नियम तकनीकी समिति द्वारा लिए जाते हैं। सर्कुलर के माध्‍यम से सीजन शुरू होने से पहले ही सभी को इस बाबत जानकारी दी जाती है। मुझे याद नहीं आज से पहले कभी इस तरह से बीसीसीआई में कुछ किया गया हो।

उन्‍होंने अपने ईमेल में आगे लिखा, “सभी राज्‍य इकाइयां बीसीसीआई के नियम की अनुपालना करते हुए ही अपने नियम बनाती हैं। उदाहरण के लिए एमसीए में नियम है कि राज्‍य में एक साल तक लोकल क्रिकेट खेले बिना राज्‍य की टीम में किसी खिलाड़ी पर विचार नहीं किया जा सकता है।”