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    'टी20 से ढाई गुना बड़ा है वनडे'... SKY को रवि शास्त्री की सलाह

    'टी20 से ढाई गुना बड़ा है वनडे'... SKY को रवि शास्त्री की सलाह

    सूर्यकुमार यादव को रवि शास्त्री ने सलाह दी है. उन्होंने कहा कि यादव को बस यह समझने की जरूरत है कि यह खेल थोड़ा बड़ा होता है.

    Updated: December 1, 2022 6:30 PM IST | Edited By: Bharat Malhotra
    भारत के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव इन दिनों शानदार फॉर्म में हैं. इस साल उन्होंने कई कमाल की पारियां खेली हैं. यह भारतीय बल्लेबाज टी20 इंटरनैशनल में दुनिया का नंबर-1 बल्लेबाज है. उनका स्ट्राइक रेट भी कमाल का है. इस साल सूर्यकुमार ने भारत को जीत दिलाने में कई बार अहम किरदार निभाया है. उनकी पारियों को देखकर खेल के जानकारों का भी मानना है कि इस मिडल-ऑर्डर बल्लेबाज को रोक पाना सबके लिए आसान नहीं है. विदेशी टीमें सूर्यकुमार यादव के लिए खास तौर पर रणनीतियां बनाती हैं.

    ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप में कमाल की पारियां खेलने के बाद सूर्यकुमार यादव न्यूजीलैंड पहुंचे. यहां बे ओवल स्टेडियम में उन्होंने 51 गेंद पर 111 रन की पारी खेली और भारत को जीत दिलाई. हालांकि टी20 इंटरनैशनल में कमाल की पारियां खेलने वाले सूर्यकुमार यादव वनडे इंटरनैशनल में उसे दोहरा नहीं पाए. तीन पारियों में उन्होंने 4, 34 और 6 रन की पारी खेली. सूर्यकुमार यादव खुद को वनडे इंटरनैशनल के फॉर्मेट के हिसाब से ढालने में लगे हैं. सूर्या ने जिस मैच में 34 रन बनाए वह मैच ही 29 ओवर का हो गया था.

    क्या सूर्यकुमार यादव खुद को इस फॉर्मेट में नहीं ढाल पा रहे हैं. इस सवाल पर चर्चा हो रही है. हालांकि टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री इसे बहुत बड़ी समस्या के तौर पर नहीं देखते हैं. वह सूर्या को बस एक सलाह देते हैं. उन्होंने कहा, 'ऐसा हो सकता है. लेकिन उन्हें यह सीखना चाहिए कि वनडे इंटरनैशनल किसी टी20 मुकाबले से ढाई गुना बड़ा है. उन्हें काफी गेंद खेलने को मिलेंगी. वह थोड़ा आक्रामक रुख अपनाने से पहले थोड़ा अधिक समय तक इंतजार कर सकते हैं. उनकी सबसे खासियत यह है कि वह पारी के आखिर में तबाही मचा देगी.'

    शास्त्री ने आगे कहा, 'उनके पास 30-40 तक पहुंचने के बाद काफी वक्त होता है. वह काफी गेंद खेल सकते हैं. तो, उन्हें थोड़ा अतिरिक्त समय देने की जरूरत है. तो मैच पर असर डालने के लिए उनके पास ज्यादा वक्त होगा. लेकिन इसके साथ ही आपको परिस्थितियों का सम्मान करना होता है. आप कितनी ही अच्छी फॉर्म में क्यों न हों आपको परिस्थितियों का सम्मान करना चाहिए. यह एक महान खेल है. लेकिन यह किसी का इंतजार नहीं करता. अगर भले ही अभी परिस्थितियों का सम्मान न करें लेकिन देर-सवेर आपको ऐसा करना ही होगा.'

    उन्होंने कहा, 'यह कोई बड़ी समस्या नहीं है. उन्हें मैच के हिसाब से अपनी मानसिकता में बदलाव करने की जरूरत है. उन्हें मैच की लंबाई के हिसाब से अपने द्वारा खेले जाने वाली गेंदों को ध्यान में रखना है. अगर आप भारतीय उपमहाद्वीप में खेलते हैं तो वह आमतौर पर नंबर पांच पर खेलने जाएंगे. यहां ज्यादातर मौकों पर बहुत अच्छा स्कोर बनता है. आप सीधा जाकर प्रभाव छोड़ सकते हैं. परिस्थितियां बल्लेबाजी के लिए मुफीद होती हैं. गेंदबाजों के पास ज्यादा अवसर नहीं होते. लेकिन यहां आपको कुछ बदलाव करने पड़ते हैं. और आप उनसे सीखते हैं. वह एक स्मार्ट क्रिकेटर हैं. हमने देखा है कि वह कैसे प्रयोग करते हैं तो यह उनके लिए बहुत अधिक मुश्किल नहीं होगा.'
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