कोच रवि शास्त्री के साथ कप्तान विराट कोहली (IANS)

जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी की अगुवाई वाले शानदार तेज गेंदबाजी अटैक के दम पर भारतीय टीम ने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन रहते हुए साल 2019 को विदा किया। भारत विराट कोहली की कप्तानी में साल 2016 से आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में पहले नंबर पर बना हुआ है और फिलहाल आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की सूची में भी शीर्ष पर है। लेकिन इस उपलब्धि के लिए जहां एक तरफ तेज गेंदबाजों की तारीफ होती है, वहीं कोहली की कप्तानी पर सवाल किए जाते हैं। हालांकि टीम के कोच रवि शास्त्री इसे बकवास बताते हैं।

पूर्व क्रिकेटर ने आईएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैंने अपने जीवन में एक परफेक्ट कप्तान नहीं देखा। आप ऐसे कप्तान देखेंगे, जिनके मजबूत और कमजोर पक्ष अलग-अलग होंगे। उनके पास एक जगह मजबूती हो सकती है तो दूसरी तरफ वो पिछड़े हुए हो सकते हैं और वहां कोई और बेहतर हो सकता है। इसलिए आपको आखिर में परिणाम देखने होते हैं।”

उन्होंने कहा, “विराट से साथ ये है कि वो हर दिन सुधार कर रहे हैं। वो मैदान पर जो जुनून, ऊर्जा लेकर आते हैं, वो अतुलनीय है। मैंने किसी और कप्तान को इस तरह की ऊर्जा मैदान पर लाते हुए नहीं देखा। हां, रणनीति के हिसाब से कुछ जगहें ऐसी हैं, जहां समय के साथ, अनुभव के साथ वो और बेहतर होंगे।”

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कोहली अकेले नहीं है जिनकी आलोचना होती है, कोच शास्त्री भी आए दिन किसी ना किसी कारण से ट्रोल होते रहते हैं लेकिन उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, “ये भारतीय क्रिकेट का हिस्सा है। इसमें कुछ नया नहीं है। 2014 में मैंने जब पहली बार ये पद संभाला था तब से मैं ये देख रहा हूं। कुछ नहीं बदला है। ये इस देश का क्रिकेट के प्रति प्यार है। वो चाहते हैं कि टीम हर दिन अच्छा करे।”

शास्त्री ने ये भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट के प्रति कोहली के लगाव का प्रभाव युवा खिलाड़ियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा, “जब एक खिलाड़ी खुलकर टेस्ट क्रिकेट का प्रचार-प्रसार करता है और साफ तौर पर कहता है कि वो टेस्ट क्रिकेट को पसंद करता है और इसका लुत्फ उठाता है। तो इसका प्रभाव सिर्फ भारतीय क्रिकेट पर ही नहीं, बल्कि विश्व पर पड़ेगा। जब एक बच्चा मैच देख रहा होगा, और वो देखेगा कि एक सुपर स्टार टेस्ट को पसंद करता है, आप उसकी तरह बनना चाहेंगे, चाहे वो भारतीय हो, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, श्रीलंका चाहे कहीं का हो।”

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शास्त्री से जब पूछा गया कि उन्हें कब ये एहसास हुआ कि ये गेंदबाजी अटैक भारत को शीर्ष पायदान पर ले जा सकता है?तो उन्होंने कहा, “बिल्कुल.. इसमें कोई सवाल ही नहीं है। दक्षिण अफ्रीका में केपटाउन में खेले गए पहले टेस्ट मैच के बाद टीम की बैठक में मैं बिल्कुल स्पष्ट था। इसके बाद देखा कि उन्होंने दूसरी पारी में क्या किया। मुझे इस बात को लेकर संदेह नहीं था कि अगर ये लोग इसी तरह से अपना काम जारी रखते हैं तो ये आक्रमण बेहद शानदार होगा।”

उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि ये लोग एक इकाई के तौर पर गेंदबाजी करना सीख गए हैं और इसी फर्क आया है। आप जिस तरह से बल्लेबाजी इकाई के तौर पर काम करते हैं गेंदबाजी में भी वही बात लागू होती है।”