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रवि शास्त्री को वो मिल गया है जो उन्हें चाहिए था उसके बाद उन्होंने कुछ ज्यादा की मांग की। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक बीसीसीआई को अपनी पसंद का असिस्टेंट कोच नियुक्त करने के लिए शास्त्री ने मना लिया तो अब वह सचिन तेंदुलकर को विदेशी दौरे के लिए टीम इंडिया का कंसल्टेंट नियुक्त करना चाहते हैं। सचिन तेंदुलकर उस क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी के सदस्य हैं जिसने जहीर खान और राहुल द्रविड़ की कंसल्टेंट के तौर पर सिफारिश की थी। जैसा कि भरत अरुण और संजय बांगड़ को टीम इंडिया का क्रमशः गेंदबाजी और असिस्टेंट कोच बना दिया गया है ऐसे में शस्त्री को अपने पूर्व कार्यकाल की वही टीम मिल गई है जिसके साथ उन्होंने काम किया था।

बहरहाल, कंसल्टेंट के बारे में बीसीसीआई ने अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। यह पता चला है कि बीसीसीआई कई सारे पूर्व खिलाड़ियों को नियुक्त करके ड्रेसिंग रूम में भीड़ नही बढ़ाना चाहती। इसलिए वे उनकी सेवाएं घरेलू सीरीज के लिए इस्तेमाल कर सकती है। माना जा रहा है कि उन्हें बाहर के दौरों में शामिल नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा शास्त्री को एक और जीत इस बात में मिली है कि बीसीसीआई ने उनका सालाना पैकेज बढ़ा दिया है। अब रवि शास्त्री को साढ़े 7 करोड़ रुपए सालाना मिलेंगे जो उनके पहले टीम इंडिया के कोच रहे अनिल कुंबले की सालाना सैलरी 6.5 करोड़ से बहुत ज्यादा है। माना जा रहा है कि शास्त्री ने बीसीसीआई प्रेसीडेंट सीके खन्ना, सेक्रेटरी अमिताभ चौधरी, प्रशासकों की समिति के सदस्य डियाना इडुलिज और बीसीसीआई सीईओ राहुल जोहरी के साथ मीटिंग में 7.75 करोड़ रुपए की मांग की थी।

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समिति के सदस्यों के मुताबिक, शास्त्री के भुगतान को यह देखकर बढ़ाया गया है क्योंकि उन्हें कॉमेंटेटर के तौर पर अपना जॉब छोड़ना होगा और अपनी मीडिया प्रतिबद्धताएं छोड़नी होंगी। यह पता चला है कि बांगड़ को 2.20 करोड़ रुपए सालाना और अरुण को 2 करोड़ रुपए सालाना मिलेंगे। शास्त्री ने कहा कि वह इस बारे में स्पष्ट थे कि उन्हें अपनी तरफ कौन से लोग चाहिए थे। उन्होंने कहा, “मैं इंग्लैंड में था और टेनिस देख रहा था। मैं अपने दिमाग में इस बात को लेकर आश्वस्त था कि मेरी कोर टीम क्या होगी।”

जब उनसे इंडिया टीम के सपोर्ट स्टाफ के बारे में संशय को लेकर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह जहीर खान और राहुल द्रविड़ से बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “सबकुछ उनकी उपलब्धता पर निर्भर करता है, यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि वह कितने दिन टीम को देना चाहते हैं। उनका इनपुट अमूल्य है और उनका स्वागत है। मैंने दोनों जेंटलमेन से व्यक्तिगत तौर पर बात की है। वे बेहतरीन क्रिकेटर्स हैं। जब वे संबंधित अधिकारियों से बात कर लेंगे तो वे टीम में शामिल हो पाएंगे।”

सूत्रों के मुताबिक संबंधित अधिकारी — बीसीसीआई — द्रविड़ और जहीर के द्वारा रखी गईं शर्तों का विश्लेषण कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक जहीर आईपीएल खेलना चाहते हैं और राष्ट्रीय टीम के साथ एक साल में 25 दिन काम करना चाहते हैं। द्रविड़, को अतिरिक्त जिम्मेदारी से कोई समस्या नहीं है लेकिन वह खिलाड़ियों के साथ प्री-सीरीज कैंप और नेट सत्रों के दौरान ही काम करना चाहते हैं। वह मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का हिस्सा नहीं बनना चाहते। वहीं बात करें तेंदुलकर की तो बीसीसीआई को उनसे बात करना बाकी है।