एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजों ने मूर्खतापूर्ण क्रिकेट खेली: शास्त्री

भारतीय टीम के कोच शास्त्री ने पहली पारी में बल्लेबाजों के खराब शॉट सेलेक्शन की आलोचना की।

Edited By : Cricket Country Staff |Dec 10, 2018, 12:01 PM IST

Published On Dec 10, 2018, 12:01 PM IST

Last UpdatedDec 10, 2018, 12:01 PM IST

RAVI SHASTRI, VIRAT KOHLI (file photo/IANS)

एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली शानदार जीत से भारतीय कोच रवि शास्त्री बेहद खुश हैं लेकिन अगले मैच से पहले उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को उनकी गलतियां याद दिलाईं। मैच प्रेसेंटेशन के दौरान शास्त्री ने पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों के खराब शॉट सेलेक्शन पर बात करते हुए कहा, “जब आपको अच्छी शुरुआत मिलती है तो एक विश्वास बन जाता है। पहली पारी में कुछ खराब शॉट खेले गए थे, वो मूर्खता पूर्ण क्रिकेट था लेकिन वो इससे सीख लेंगे। पुजारा बेहतरीन था। हमने उससे इन हालातों में उछाल से निपटने के लिए थोड़ा और सीधा होकर खेलने के लिए कहा था।”

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भारतीय बल्लेबाजों में जिस खिलाड़ी के शॉट सेलेक्शन पर सबसे ज्यादा सवाल उठे वो हैं रिषभ पंत। पंत ने एडिलेड में कई चौके-छक्के लगाए लेकिन अपनी बल्लेबाजी शैली के चलते वो बड़ी पारी नहीं खेल सके। इस विकेटकीपर बल्लेबाज के बारे में कोच ने कहा, “आपको उसे अपना खेल खेलने की इजाजत देनी होगी, इसी के दम पर वो टीम में आया है लेकिन अब उसे थोड़ा और गंभीर होना होगा। उसने लियोन के खिलाफ फील्ड को फैलाने में मेहनत की, इसलिए उसे और स्मार्ट होना होगा। आप अभी एक गलती करते हैं लेकिन उसे दोहराए नहीं, तब मैं आपके कान में ये बात पहुंचाउंगा।”

पहला मैच जीतना बेहतरीन एहसास

पहले मैच में जीत के महत्व के बारे में बात करते हुए कोच ने कहा, “हम इंग्लैंड में पहला टेस्ट 31 रनों से हारे थे, दक्षिण अफ्रीका में 60-70 रनों से हारे थे। इसलिए लड़कों के लिए पहले मैच में जीतकर बढ़त हासिल करना अच्छा है।”

कोच ने कहा है कि पर्थ टेस्ट से पहले खिलाड़ियों को आराम की जरूरत है। उन्होंने कहा, “उन्हें आराम की जरूरत है, नेट सेशन अभी जरूरी नहीं। हमें पता है कि पर्थ का ट्रैक तेज है, सतह पर तेज गेंदबाजों के लिए कुछ होगा। अभी उन्हें आराम करना है। मेरा मानना है कि पहली पारी में गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, उस अनुशासन के साथ 250 के स्कोर का बचाव करना बेहतरीन था। उन्होंने इसके लिए काफी काम किया है, ये एक रात में नहीं आया। बतौर गेंदबाजी यूनिट, जब आप अनुशासन दिखाते हैं तो फर्क नहीं पड़ता कि आप किस टीम के खिलाफ खेल रहे हैं, आपको सफलता मिलती है।”

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