रविचंद्रन अश्विन ने गेंद से तो कमाल दिखाया ही साथ ही बल्ले से भी बेहतरीन प्रदर्शन किया © AFP
रविचंद्रन अश्विन ने गेंद से तो कमाल दिखाया ही साथ ही बल्ले से भी बेहतरीन प्रदर्शन किया © AFP

जबसे भारतीय कप्तान विराट कोहली अंतिम ग्यारह में 5 गेंदबाजों के साथ उतरने की वकालत की है तबसे ही नंबर छह पर बल्लेबाजी के लिए बहस शुरू हो गई थी। बहस यह भी थी कि क्या नंबर छह पर बल्लेबाज खेलेगा या फिर गेंदबाद ऑलराउंडर। वेस्टइंडीज के खिलाफ रविचंद्रन अश्विन के दो शतकों ने इस बहस पर पूर्णविराम लगा दिया और अब अश्विन के स्कोर 32, 70, 7, 58 और 72 ने इस बात को और पुख्ता कर दिया, साथ ही अश्विन ने अब इस क्रम को अपना बना लिया है।

तमिलनाडू के खिलाड़ी अश्विन ने अपनी तकनीक से सभी को प्रभावित किया है। अश्विन के बचपन के कोच सुनील सुब्रमण्यम ने कहा कि मैंने अश्विन से ठीक तीन साल पहले कहा था कि वह टेस्ट में भारतीय टीम के लिए ओपनिंग कर सकता है। मेरी बात को अश्विन ने मजाक में नहीं लिया और एक सच्चे और परिश्रमी छात्र की तरह वह नेट्स में कड़ा अभ्यास करने लगे। आज सुब्रमण्यम काफी खुश हैं कि अश्विन ने उन्हें सही साबित कर दिया। सुब्रमण्यम ने कहा, ‘मैं पहला ऐसा शख्स था जिसने अश्विन को एहसास दिलाया कि उनकी बल्लेबाजी की शैली वीवीएस लक्ष्मण से मेल खाती हैं, जिनके साथ मैंने घरेलू मैचों में खेला है। ये बिल्कुल सच है कि अश्विन आजकल नेट्स में बल्लेबाजी का ज्यादा अभ्यास करने लगे हैं। अश्विन मानसिक रूप से काफी मजबूत हैं और बल्लेबाजी में मजबूत तकनीक उनकी गेंदबाजी में कोई असर नहीं डालेगी।’ ये भी पढ़ें: आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में विराट कोहली को फायदा

‘मैं इस बात से बिल्कुल भी आश्चर्यचकित नहीं होऊंगा कि अश्विन भारत के लिए टेस्ट में ओपन करते हुए नजर आएं। वह इसके लिए सक्षम हैं।’ अश्विन मौजूदा पीढ़ी के रवि शास्त्री हैं और हो सकता है कि वह आने वाले समय में उनसे ज्यादा आगे निकल जाएंगे। शास्त्री ने एन श्रीनिवासन से कहा था कि अश्विन भारतीय टीम में ऑलराउंडर खिलाड़ी की भूमिका निभा सकते हैं। वेंगसरकर ने कहा कि नंबर छह पर जारी बहस पर लगाम लग गई है और उसपर अश्विन का ही अधिकार है। साथ ही वेंगसरकर ने कहा कि अभी अश्विन को और अच्छा खेल दिखाना होगा और निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।  ये भी पढ़ें: संन्यास लेने की उम्र में खेल रहे हैं ये 9 क्रिकेटर