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IND vs SA: अश्विन ने पकड़ी भारतीय क्रिकेट की नब्ज, बताया क्यों स्पिन नहीं खेल पा रहा है भारत

नई दिल्ली: एक वक्त था जब भारत में जीतना किसी भी टीम के लिए सबसे मुश्किल चुनौती मानी जाती थी. वजह, भारत की स्पिनर्स के लिए मददगार पिचों पर खेलने की महारथ. भारतीय गेंदबाज उन पिचों का फायदा उठाने में माहिर थे. और बल्लेबाज फिरकी खेलने के उस्ताद. तो, विदेशी आते और फिरकी के जाल...

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 28, 2025 12:15 PM IST

नई दिल्ली: एक वक्त था जब भारत में जीतना किसी भी टीम के लिए सबसे मुश्किल चुनौती मानी जाती थी. वजह, भारत की स्पिनर्स के लिए मददगार पिचों पर खेलने की महारथ. भारतीय गेंदबाज उन पिचों का फायदा उठाने में माहिर थे. और बल्लेबाज फिरकी खेलने के उस्ताद. तो, विदेशी आते और फिरकी के जाल में फंस जाते. लेकिन धीरे-धीरे सूरत बदलने लगी. भारतीय बल्लेबाजों को भी टर्न लेती गेंदों के सामने संघर्ष करते देखा जाना लगा. और अब तस्वीर ऐसी है कि भारतीय बल्लेबाजी क्रम घूमती गेंदों पर घुटने टेक देता है. और इस बात से कई पूर्व क्रिकेटर नाराज हैं. रविचंद्रन अश्विन भी उनमें से एक हैं.

अश्विन ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया है. और वह भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनकी स्पिन गेंदबाजी ने भारत की कई जीत की पटकथा लिखी है. कितनी बार अश्विन की उंगलियों के जादू ने भारत को विजयश्री तक पहुंचाया. लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी जिस तरह से स्पिनर्स के सामने नतमस्तक हुए हैं उससे अश्विन बहुत नाराज हैं. उन्होंने इसके लिए टीम इंडिया की आलोचना की. पूर्व खिलाड़ी यहीं नहीं रुका. उन्होंने भारत को स्पिन गेंदबाजी के सामने सबसे खराब बल्लेबाजों में से एक बताया. पर अश्विन के पास इस समस्या का हल भी है. उन्होंने बताया कि आखिर क्यों भारतीय बल्लेबाजी ऐसी स्थिति है.

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साउथ अफ्रीका के स्पिनर्स ने किया भारत को परेशान

गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रन की शर्मनाक हार मिली. यह टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार है. इसके साथ ही भारत सीरीज में 0-2 से हारा. दोनों मैचों में साउथ अफ्रीका के स्पिनर्स सिमोन हार्मर और केशव महाराज ने भारत को खूब परेशान किया.

ऑफ स्पिनर हार्मर, जो साउथ अफ्रीका की टीम मे स्पिन गेंदबाज के रूप में पहली पसंद भी नहीं होते, ने सबसे ज्यादा विकेट लिए. इस गेंदबाज ने 2 मैचों में कुल 17 विकेट अपने नाम किए. ऐसा नहीं है कि यह इकलौता उदाहरण है जब विदेशी टीमों ने स्पिन के जरिए भारत को फंसाया. बीते साल ही न्यूजीलैंड ने एजाज पटेल और मिशेल सैंटनर की बाएं हाथ के स्पिनर्स की जोड़ी की मदद से भारत को 0-3 से टेस्ट सीरीज में मात दी थी. अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ में उन्होंने इसके पीछे की वजह बताई.

तटस्थ पिच क्यूरेटर्स पर अश्विन का सवाल

अश्विन ने कहा कि तटस्थ (न्यूट्रल) पिच क्यूरेटर भारत में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट को कंट्रोल कर रहे हैं. वे हर मैदान पर स्पोर्टिंग विकेट बना रहे हैं. अश्विन ने कहा कि इससे भारतीय टीम को विदेशी परिस्थितियों में बेहतर खेल दिखाने में मदद मिली है. और वे पेसर्स को बेहतर खेल पा रहे हैं. लेकिन स्पिनर्स को खेलने की भारत कमजोर हो गया है.

अश्विन ने कहा, ‘और आज के दिन स्पिन खेलने के मामले में हम दुनिया की सबसे खराब बल्लेबाजी यूनिट में से एक हैं. ऐसा अचानक रातोरात कैसे हो गया? यही उसके पीछे की वजह है- हमने पहले भी इस बारे में बात की है.’

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विदेशी दौरों पर फायदा पर भारत में दिक्कत…

अश्विन ने कहा, ‘हमारा फर्स्ट-क्लास क्रिकेट पूरी तरह से तटस्थ क्यूरेटर्स नियंत्रित करते हैं. हर मैदान पर ऐसा ही है. तटस्थ क्यूरेटर्स को लाने का मकसद बहुत खराब पिचें बनाने से रोकना होता है. लेकिन इससे यह भी हुआ है- भारत को तेज और सीम गेंदबाजी खेलने में मदद मिली है- पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ बल्लेबाजी की क्षमता कमजोर हुई है. नीयत ठीक थी और यही वजह है कि हम अब विदेश में अच्छा खेलते हैं. लेकिन घरेलू परिस्थितियों में, आपको स्पिन गेंदबाजी अच्छी खेलनी ही होती है.’

अश्विन ने की साउथ अफ्रीका की तारीफ

इस कमाल के फिरकी गेंदबाज ने साउथ अफ्रीका के खेल की तारीफ की. उन्होंने बताया कि कैसे मेहमान टीम ने भारत को उसी के खेल में उसी के घर में मात दी. अश्विन ने कहा, ‘जब आप स्पिन खेलने की बात करते हैं तो स्वीप या रिवर्स-स्वीप करना शुरू नहीं कर देते हैं. आप मजबूत डिफेंस के इर्द-गिर्द अपना खेल तैयार करते हैं. अगर साउथ अफ्रीका एक सेशन में 80 के करीब रन बनाकर आपके लिए आखिरी पारी में 500 रन से ज्यादा का लक्ष्य रख सकता है तो उसने रगड़-रगड़ कर टेस्ट क्रिकेट खेलकर आपको हराया है. और भारत में इसी तरह का क्रिकेट खेला जाना चाहिए.

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