न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तैयारी में जुटे टीम इंडिया के प्रमुख स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने अपने बचपन की एक भयावह घटना को याद किया। अश्विन ने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में एक टेनिस बॉल टूर्नामेंट के दौरान विपक्षी टीम के खिलाड़ियों ने उनकी उंगलियटां काटने की धमका दी थी।

क्रिकबज से बातचीत में इस भारतीय स्पिनर ने कहा, “हमें फाइनल मैच खेलना था। और जैसे ही मैं निकलने लगा, वहां चार या पांच लड़के रॉयल इनफील्ड पर बैठकर आए, वो मुझसे बड़े थे। उन्होंने मुझे उठाया और कहा कि हमारे साथ चलो। मैंने पूछा कि ‘कौन हो’ तो उन्होंने कहा ‘तुम्हे वहां मैच खेलना है ना, हम तुम्हे लेने आए हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं खुश था कि उन्होंने मुझे लेने के लिए लोग भेजे थे और बहुत अच्छा लग रहा था। मतलब रॉयल इनफील्ड…..मैं बाइक पर एक लड़के के पीछे बैठा और मेरे पीछे एक और लड़का बैठा, जैसे कि मैं भागने की कोशिश करूंगा। मैं दोनों के बीच में फंस गया। मैं 14-15 साल का था। वो मुझे एक टी स्टॉल पर ले गए। चेन्नई में टी स्टॉल बड़ी चीज होती है।”

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अश्विन ने आगे कहा, “हर मैदान के बगल में एक टी स्टॉल होता है जहां बेंच वगैरह होती हैं। उन्होंने मुझे वहां बैठाया, भाजी और वड़ा ऑर्डर किया और कहा कि मुझे डरने की जरूरत नहीं वो मेरी मदद करने आए हैं। जब 3:30-4 बज गए तो मैंने कहा कि मैच शुरू होने वाला है, चलो। तो उन्होंने कहा कि वो विपक्षी टीम से हैं, हम तुम्हे खेलने से रोकना चाहते हैं। अगर तुम खेलने की कोशिश करोगे तो हम निश्चित करेंगे कि तुम्हारे पास उंगलियां ना हों।”

सीमित ओवर फॉर्मेट टीम से दूर चल रहे अश्विन 21 फरवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट में लंबे समय के बाद एक्शन में नजर आएंगे।