जिम्‍बाब्‍वे के पूर्व बल्‍लेबाज ब्रेंडन टेलर (Brandon Taylor) द्वारा फिक्‍सर्स के चंगुल में फंसने का खुलासा करने के बाद भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी. अश्विन का कहना है कि यह पूरा प्रकरण आंख खोलने वाला है. जब कोई अन्य विकल्प पर दांव लगाना हो तो वहां से चुपचाप निकलने में ही भलाई है. टेलर का कहना है कि साल 2019 में स्‍पांसर दिलाने और एक टी20 लीग में खेलने का अवसर दिलाने के नाम पर वो भारतीय सरजमीं पर कुछ फिक्‍सर्स से मिले थे. तभी वो उनके चंगुल में फंस गए थे. बेंडन टैलर ने साल 2021 में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास ले लिया था. उन्‍होंने जिम्‍बाब्‍वे के लिए 205 वनडे, 34 टेस्ट और 45 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं.

पूरा प्रकरण सामने आने के बाद रविचंद्रन अश्विन ने इस संदर्भ में ट्वीट किया. उन्‍होंने कहा, ‘‘जागरुकता फैलाओ. पोकर टेबल पर हमारे सामने वाला व्यक्ति हमें दांव लगाने या छोड़ने का विकल्प देता है. ऐसे में टेबल छोड़ना ही महत्वपूर्ण है. ईश्वर ब्रेंडन और उनके परिवार को शक्ति प्रदान करे.’’

टेलर (Brandon Taylor) ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए दावा किया कि भारतीय व्यवसायी ने उन्हें भारत में ‘प्रायोजक’ दिलाने और जिम्बाब्वे में एक टी20 टूर्नामेंट की संभावित योजना पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था. उन्होंने इस व्यवसायी  के नाम का खुलासा नहीं किया लेकिन कहा कि उन्हें अक्टूबर, 2019 में 15,000 डॉलर की पेशकश की गयी थी.