ravichandran ashwin wants to change this rule of cricket says it needs to be consider

नई दिल्ली: अनुभवी भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि अगर बल्लेबाज रिवर्स स्वीप खेलते हुए चूक जाता है और गेंद उसके पैड से लग जाए तो उसे LBW दिया जाना चाहिए। मौजूदा नियमों के मुताबिक अगर गेंद लेग स्टंप के बाहर पिच हो तो बल्लेबाज को LBW नहीं दिया जा सकता भले ही उनका पैड विकेट के सामने हो और गेंद स्टंप्स से टकरा रही हो।

दिग्गज स्पिनर ने भारत और इंग्लैंड के बीच हुए हालिया टेस्ट मैच का उदाहरण दिया। इंग्लैंड ने यह मैच जीता था। अश्विन ने याद दिलाया कि कैसे जो रूट ने लगातार रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की लेकिन कई बार चूक जाते थे। अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन ने कहा, ‘इस मैच में जो रूट और बेयरस्टो ने यही रवैया अपनाया। रूट ने करीब 10 बार रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की। उन्होंने 10 बार कोशिश की लेकिन 9 बार वह चूक गए। 10वीं बार गेंद उनके बल्ले के निचले किनारे से लगी। बेयरस्टो लगातार गेंद को पैड से खेलते जा रहे थे।’

गेंद जब लेग स्टंप से बाहर पिच होती है तो उसे बल्लेबाज के लिए ब्लाइंड स्पॉट माना जाता है। ऐसी जगह जहां पिच होने के बाद बल्लेबाज उसे देख नहीं सकता। लेकिन भारतीय स्पिनर का मानना है कि जब आप स्विच खेलता है तो वह गें ब्लाइंड स्पॉट में नहीं रह जाती। उन्होने जोर देकर कहा कि जब रूट रिवर्स हिट करने के लिए घूमे तो गेंद ब्लाइंड स्पॉट में नहीं रहती क्योंकि वह एक बाएं हाथ के बल्लेबाज की तरह खेल रहे थे।

अश्विन ने कहा, ‘यहीं मेरी राय थोड़ी सी अलग हो जाती है। एक गेंदबाज होने के नाते मुझे आपको बताना पड़ता है कि मैं बाएं हाथ से स्पिन फेंक रहा हूं और मेरी यह फील्ड है। आप दाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे हैं और फिर रिवर्स स्वीप खेलने लग जाते हैं, बाएं हाथ के एक बल्लेबाज की तरह। लेकिन जब रूट ऐसा करेंगे तो वह ब्लाइंड स्पॉट की वजह से LBW नहीं होंगे। ब्लाइंड स्पॉट यह तभी होगा जब आप नॉर्मल स्टांस में खड़े रहें। जब आप रिवर्स स्वीप खेलते हैं और आपका बाएं हाथ का स्टांस है, तो यह ब्लाइंड स्पॉट नहीं रह गया। यह फ्रंट ऑन है।’

उन्होंने कहा, ‘मेरा सवाल है कि भले ही वह रिवर्स स्वीप खेले यहां नहीं, चाहे यह नेगेटिव गेंदबाजी हो या नहीं (लेग स्टंप से बाहर गेंदबाजी), मेरा सवाल LBW को लेकर है। इसे LBW नहीं देना नाजायज है। बल्लेबाज स्विच हिट खेलें कोई बात नहीं, लेकिन जब वे मिस करें तो हमें LBW मिलना चाहिए। आप कैसे कह सकते हैं कि यह LBW नहीं है? अगर वे इसे सभी फॉर्मेट में आउट देना शुरू कर दें तो गेंद और बल्ले के बीच कुछ संतुलन बन पाएगा।’