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IND vs ENG; रविचंद्रन अश्विन ने राजकोट टेस्ट बीच में छोड़ा, परिवार में मेडिकल इमरजेंसी
रविचंद्रन अश्विन ने राजकोट टेस्ट बीच में ही छोड़ दिया है. इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज का यह तीसरा मैच है. अश्विन के परिवार में मेडिकल इमरजेंसी है.
Published On Feb 16, 2024, 11:29 PM IST
Last UpdatedFeb 16, 2024, 11:29 PM IST
Ravichandran ashwin withdraw from rajkot test
रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) राजकोट टेस्ट बीच में ही छोड़कर घर चले गए हैं. उनके परिवार में मेडिकल इमर्जेंसी आई है जिसकी वजह से भारतीय ऑफ स्पिनर ने ऐसा फैसला लिया है. भारतीय टीम राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच खेल रही है. भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक मीडिया रिलीज जारी कर इस बात की जानकारी दी है. बोर्ड ने इस रिलीज में कहा, ‘BCCI इस चैंपियन क्रिकेटर और उनके परिवार के लिए दिल से सपॉर्ट करता है. खिलाड़ियों और उनके करीबी लोगों का स्वास्थ्य सबसे बड़ी प्राथमिकता है. बोर्ड अश्विन और उनके परिवार के लिए प्राइवेसी का अनुरोध करता है क्योंकि वे इस मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं. ‘
Ravichandran Ashwin राजकोट टेस्ट से हटे
बोर्ड ने आगे कहा, ‘बोर्ड और टीम अश्विन को जरूरत पड़ने पर किसी भी तरह की मदद करने के लिए तैयार है. और अगर उन्हें किसी भी जरूरत हो तो संवाद किया जा सकता है. टीम इंडिया फैंस और मीडिया से इस नाजुक वक्त में संयम बरतने का अनुरोध करती है.’
अश्विन के टेस्ट मैच से हटने का अर्थ है कि भारतीय टीम राजकोट में सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलेगी. फील्डिंग के लिए सब्सिट्यूट फील्डर मिल जाएगा लेकिन अश्विन जैसा गेंदबाज नहीं मिलेगा. राजकोट टेस्सट के दूसरे दिन अश्विन ने एक निजी उपलब्धि हासिल की. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट पूरे किए. वह ऐसा करने वाले भारत के दूसरे और दुनिया ने 9वें खिलाड़ी बने. भारत में उनसे पहले सिर्फ अनिल कुंबले (619) ऐसा कर पाए हैं.
राजकोट टेस्ट के दूसरे दिन 500 टेस्ट विकेट पूरे करने के बाद अश्विन ने अपने परिवार का जिक्र किया था. आधिकारिक प्रसारणकर्ता के साथ बातचीत में उन्होंने कहा था, ‘मैं ऐसा इनसान नहीं हूं जो आमतौर पर जीवन के उतार- चढ़ाव से परेशान हो जाए. जब मेरे दिन अच्छा होता है तो मैं अपने माता-पिता और पत्नी से बात करता हूं. मैं अच्छी फिल्में देखता हूं. और फिर सो जाता हूं. और जब प्रदर्शन खराब होता है तो भी मैं परेशान नहीं होता. मैं इसके बारे में सोचता हूं तो हर बार मेरे सामने दूसरा पहलू होता है.’