• Home
  • News
  • Ravichandran ashwins failure in odi raised demand for kuldeep yadavs return 5202368

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में फेल हुए अश्विन तो फैंस ने की कुलदीप यादव की वापसी की मांग

दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज में 1-2 और वनडे सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा।

Edited By : India.com Staff |Jan 24, 2022, 10:55 AM IST

Published On Jan 24, 2022, 10:55 AM IST

Last UpdatedJan 24, 2022, 10:55 AM IST

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 0-3 से मिली शर्मनाक हार के बाद 50 ओवर फॉर्मेट में अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) की भूमिका पर सवाल उठ रही हैं। जिसके बाद युवा स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) के सीमित ओवर फॉर्मेट टीम में वापस लाने की मांगें उठने लगी हैं।

अश्विन को केपटाउन में तीसरे वनडे के लिए आराम दिया गया और उनकी जगह जयंत यादव (Jayant Yadav) को मौका मिला, लेकिन वो भी कोई विकेट लेने में नाकाम रहे। 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में जिस तरह से ‘कुलचा’ (कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल) का दबदबा था, उसे याद करते हुए कमेंटेटर मैच के दौरान टीम में कुलदीप की अहमियत पर चर्चा कर रहे थे।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

चहल ने पिछली बार 2018 में दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज खेली थी और कुलदीप ने 17 विकेट लिए थे। ये जोड़ी 2017 से 2019 के बीच भारतीय सफेद गेंद वाली टीम में नियमित थी और बड़ी सफलता हासिल की। लेकिन चीजें तेजी से बदलीं, खासकर इंग्लैंड में 2019 विश्व कप के बाद कुलदीप के लिए। सिडनी में पांच विकेट लेने के बाद 27 वर्षीय खिलाड़ी के लिए पिछले दो साल कठिन रहे हैं। इससे पहले, मुख्य कोच रवि शास्त्री ने उन्हें 2019 में विदेशी परिस्थितियों में भारत का नंबर 1 स्पिनर करार दिया था।

पिछले कुछ सालों में, यूपी में जन्मे स्पिनर कुलदीप जिन्होंने अपने 65 मैचों में 107 विकेट लिए हैं, भारत में स्पिनरों के बेहतरी के कारण नीचे चले गए हैं। जिसके बाद कुलदीप ने भारतीय टीम मैनेजमेंट का भी विश्वास खो दिया, जिसके बाद शाहबाज नदीम को अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में चुना गया था, लेकिन मुख्य टीम का हिस्सा रहे कुलदीप को अक्टूबर 2019 में मौका नहीं मिला।

कुलदीप, जिन्होंने 23.85 की औसत से 26 विकेट लिए हैं, टेस्ट क्रिकेट में भी अपना स्थान जमा नहीं पाए, क्योंकि अश्विन और रवींद्र जडेजा सबसे लंबे प्रारूप में पसंदीदा विकल्प बन गए हैं। लेकिन हाल ही में टेस्ट और वनडे सीरीज में प्रोटियाज के खिलाफ अश्विन के खराब प्रदर्शन ने तमिलनाडु के इस स्पिनर के प्रदर्शन पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

टेस्ट सीरीज में, उन्होंने प्रोटियाज के खिलाफ तीन मैचों में 64.1 ओवरों में केवल तीन विकेट लिए और दो वनडे मैचों में अश्विन ने सिर्फ एक विकेट लिया। तीसरे वनडे में वो प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं थे।

अश्विन के रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने 84 टेस्ट में 24.38 के औसत, 2.77 की इकॉनमी और 52.7 के स्ट्राइक रेट से 430 विकेट लिए हैं। उन्होंने 30 बार पांच विकेट लिए, जिसमें उनका 7/59 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

हालांकि, उनके अधिकांश विकेट (300) उनके 49 घरेलू मैचों में हैं, जहां उनका औसत 21.40, इकॉनमी 2.69 से था। उनके पांच विकेटों में से 24 के साथ-साथ उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन घर पर ही आया था। विदेशी सरजमीं पर अपने 34 मैचों में, उन्होंने 31.88 की औसत, 2.93 की इकॉनमी और 65.2 की स्ट्राइक रेट से केवल 126 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट 7/83 है।

35 साल के खिलाड़ी की खराब प्रदर्शन को लेकर हर तरफ आलोचना हो रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर ‘कुलदीप वापस लाओ’ ट्रेंड करने लगा है। ट्विटर पर एक लिखा, “आर यू मिसिंग हैशटैग कुलदीप यादव दोस्तों?।”

एक अन्य ने कहा, “भारत ने मध्य के ओवरों में कुलदीप यादव को बुरी तरह से मिस किया।”

एक यूजर ने कहा, “कुलदीप एक बेहतरीन प्रतिभा है। बाकी अश्विन को आराम देकर, कुलचा कॉम्बो को वापस लाओ।”

कुलदीप, जो चोट के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 14 के दूसरे चरण से बाहर होने के बाद से मैदान पर नहीं उतरे हैं, आखिरकार नियमित प्रशिक्षण पर लौट आए हैं। सितंबर में उनके घुटने की सर्जरी हुई थी और वो नेशनल क्रिकेट अकादमी, बेंगलुरु में ठीक होने की राह पर हैं।

भारत वेस्टइंडीज सीरीज के लिए वनडे टीम की घोषणा होने वाला है और कुलदीप के पूरी तरह फिट होने पर टीम में जगह बनाने का अच्छा मौका है।

Editor's Pick