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कोलकाता। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने क्रिकेट में लाल कार्ड के नये नियम का समर्थन करते हुए कहा कि नियमों में संशोधन जरूरी था क्योंकि निचले स्तर के मैचों में खिलाड़ियों का व्यवहार मुद्दा बनता जा रहा है। गांगुली विश्व क्रिकेट समिति के उन 11 सदस्यों में शामिल थे जिन्होंने एमसीसी के माइक ब्रेयरली की अगुवाई में क्रिकेट के नये नियमों की घोषणा की।

गांगुली ने कहा, ‘‘नियमों में बदलाव जरूरी था। यह अच्छी चीज है। भारत में भले ही ऐसा नहीं होता हो लेकिन दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसे देशों में निचले स्तर पर कई घटनाएं होती हैं। जब तक आप वीडियो फुटेज नहीं देखते तब तक आप इसका महत्व नहीं समझ सकते।’’ उन्होंने लेवल चार के अपराध के संबंध में यह बात कही जो अंपायर को धमकाना, अंपायर के साथ जानबूझकर भिड़ना, खिलाड़ी या किसी अन्य के साथ मारपीट करना या कोई भी हिंसात्मक कार्रवाई करने से संबंधित है। ऐसा करने पर अब खिलाड़ी को मैच से बाहर कर दिया जाएगा।

इस नियम के अलावा गेंद और बल्ले के बीच बराबरी रखने के लिए आईसीसी ने इस नये नियम को मंजूरी दी है। अब नये नियम के मुताबिक बल्ले के किनारों की चौड़ाई 40 मीमी से ज्यादा नहीं होगी। इसके अलावा बल्ले की गहराई 67 मीमी से ज्यादा नहीं होगी। अंपायरों को बल्ला नापने के लिए मशीन दी जाएगी जिससे वो बल्ले का साइज नाम सकेंगे। हालांकि बल्ले की लंबाई और चौड़ाई में कोई बदलाव नहीं किया गया है। [ये भी पढ़ें: इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक जड़ने से चूके एविन लुइस, 176 रनों पर लगी चोट]

आईसीसी के नये नियम के मुताबिक अब टी20 क्रिकेट में भी डीआरएस लिया जा सकेगा। इसके अलावा अगर कोई टीम डीआरएस लेती है और थर्ड अंपायर डीआरएस पर ‘अंपायर कॉल’ फैसला देता है ऐसे में टीम का डीआरएस खत्म नहीं होगा। वहीं टेस्ट क्रिकेट में अब 80 ओवरों के बाद टॉप-अप रिव्यू नहीं मिलेंगे, मतलब की अब एक पारी में सिर्फ 2 ही रिव्यू ले सकते हैं और अगर रिव्यू का फैसला गलत होता है तो वो 80 ओवर के बाद दोबारा नहीं मिलेंगे। टीम अब एक पारी में सिर्फ 2 ही रिव्यू ले सकेंगे।