ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को झकझोर देने वाला बॉल टैम्परिंग केस का जिन एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है. इस मामले में सजा काट चुके कैमरन बेनक्राफ्ट (Cameron Bancroft) ने हाल ही जो इंटरव्यू दिया था उससे एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया में यह मामला सुर्खियों में छा गया है. टेस्ट टीम के कप्तान टिम पेन (Tim Paine) ने हाल ही में यह संकेत दिए थे कि वह आगामी एशेज सीरीज के बाद रिटायर हो सकते हैं.

इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी का दावेदार एक बार फिर स्मिथ को माना जा रहा था. लेकिन ऑस्ट्रेलिय के पूर्व कप्तान मार्क टेलर (Mark Taylor) मानते हैं कि मीडिया में बॉल टैम्परिंग की वह घटना एक बार फिर छा गई है और इसके चलते स्मिथ का कप्तान बनना अब संभव नहीं दिख रहा है.

मार्क टेलर ने स्पोर्ट्स संडे से बात करते हुए कहा, ‘स्टीव स्मिथ को इसके चलते दोबारा कप्तान नहीं चुना जा सकेगा. मुझे उम्मीद है कि वैसे इस खेल से जुड़े ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं होगा. स्मिथ को इससे कोई मदद नहीं मिलेगी. अब उनका कप्तान बनना मुश्किल होगा.’

हालांकि उन्होंने कहा कि वह भी स्मिथ के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘इस बात में कोई संदेह नहीं कि स्मिथ को लेकर यह बातें हो रही हैं कि उनमें फिर से कप्तानी करने की क्षमता है, इसमें कोई संदेह नहीं है.’

साल 2018 में केप टाउन टेस्ट के दौरान बेनक्राफ्ट ने बॉल पर सैंडपेपर रगड़कर अपनी टीम के गेंदबाजों को मदद दिलाने के लिए छेड़छाड़ की थी. ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले में तब सख्ती दिखाते हुए कप्तान स्टीव स्मिथ (Steve Smith), डेविड वॉर्नर (David Warner) और कैमरन बेनक्राफ्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. बाद में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ और वॉर्नर पर एक-एक साल जबकि बेनक्राफ्ट पर 9 महीने का बैन लगाया था.