© IANS
© IANS

आईपीएल 2018 नीलामी के पहले ही सुर्खियों में छाया हुआ है। यह टूर्नामेंट अगले साल अप्रैल में खेला जाएगा। इस सीजन के साथ दो साल बाद अपना बैन पूरा करने के साथ राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी बड़ी टीमें वापसी करेंगी। टूर्नामेंट की गवर्निंग काउंसिल 21 नवंबर को मीटिंग आयोजित करने के लिए तैयार है इस मीटिंग में 2018 एडीशन की कुछ मुख्य बातों के बारे में चर्चा की जाएगी। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये माना जा रहा है कि प्लेयर रिटेंशन और राइट टू मैच कार्ड इस मीटिंग में बातचीत के दो बड़े मुद्दे हो सकते हैं। स्पोर्ट्सलाइव के हवाले से, फ्रेंचाइजियों के मालिकों ने राइट टू मैच (आरटीएम) कार्ड के लिए अपनी दिलचस्प जताई है। पिछले सालों की नीलामी के दौरान, आरटीएम उपलब्ध नहीं था और फ्रेंचाजियों ने इस बात को लेकर अपनी नाखुशी जाहिर की थी।

अब उम्मीद है कि मालिक इस सीजन के लिए आरटीएम फिर से वापस लाएंगे। दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ हेमंत दुआ ने उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि गवर्निंग काउंसिल क्या कहेगी, लेकिन हम राइट टू मैच के लिए कहेंगे।” जैसा कि आरटीएम कई फ्रेंचाइजियों के लिए बढ़िया साबित हो सकता है, ऐसे में सीएसके और राजस्थान रॉयल्स इस पॉलिसी का फायदा उठाने में पिछड़ सकती हैं। एक टॉप रॉयल्स अधिकारी ने बताया कि वे उम्मीद करते हैं कि आईपीएल जीसी जब 2018 का ऑक्शन करेगी तो वे उम्मीद करते हैं कि ऐसी परिस्थिति होगी जिसमें हर किसी को बराबर मौके मिले।

क्या है राइट टू मैच?

राइट टू मैच कार्ड टीम को अधिकार देता है कि वह अपने खिलाड़ी को बोली हारने के बाद भी आखिरी राउंड में वापस ले ले। उदाहरण के तौर पर अगर विराट कोहली ऑक्शन के लिए जाते हैं, और मुंबई इंडियंस उनकी बोली कई करोड़ों में लगाते हुए जीत लेती है तो नीलामी करने वाली टीम कोहली की मौजूदा टीम यानि आरसीबी से पूछेगी कि क्या वे आरटीएम का इस्तेमाल करते हुए विराट कोहली को वापस लेना चाहते हैं? अगर आरसीबी कैंप आरटीएम का इस्तेमाल करता है तो उन्हें कोहली को उतना ही पैसा देना होगा जितने में मुंबई ने कोहली की नीलामी की थी। ऐसे में अगर टीमों के पास शुरुआती बिड के बाद पैसे बच जाते हैं तो वे आखिरी राउंड में अपने खिलाड़ियों को वापस पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

300 रन ना बना पाने पर रोहित शर्मा ने पहली बार किया खुलासा
300 रन ना बना पाने पर रोहित शर्मा ने पहली बार किया खुलासा

इसके अलावा खिलाड़ियों की रिटेंशन पॉलिसी के ऊपर भी बातचीत हो सकती है। जो अभी तक बात है वो है कि टीम 3 खिलाड़ियों को बरकरार रख सकती है। लेकिन इसमें अभी ये बात साफ नहीं हो पाई है कि इसमें दो भारतीय खिलाड़ी और 1 विदेशी खिलाड़ी होंगे या समीकरण कुछ और होगा।