ओलंपिक्स में नौ सदस्यीय मुक्केबाजी टीम भेजेगा भारत
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इसी साल अगस्त में होने वाले रियो ओलम्पिक से पहले अंतिम क्वालीफायर के लिए भारत अपनी नौ सदस्यीय मुक्केबाजी टीम अजरबैजान भेजेगा। क्वीलाफाइंग टूर्नामेंट 16 जून से शुरू होगा। राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल करने वाले एल. देवेन्द्रो सिंह (49 किलोग्राम वर्ग) और एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल करने वाले विकास कृष्ण (75 किलोग्राम वर्ग) टीम का नेतृत्व करेंगे।

भारत 56 किलोग्राम वर्ग में कोई खिलाड़ी नहीं उतारेगा क्योंकि असम के मुक्केबाज शिव थापा ने मार्च में हुए एशिया ओलम्पिक क्वालीफायर टूर्नामेंट में पहले ही ओलम्पिक का टिकट हासिल कर लिया है।

लाइटफ्लाई और फ्लाइवेट श्रेणी में सिर्फ स्वर्ण और रजत पदक हासिल करने वाले मुक्केबाज ही ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर पाएंगे, जबकि शीर्ष पांच खिलाड़ी बाकी बची आठ वजन श्रेणियों में रियो के लिए जगह बनाएंगे।

जुलाई में होने वाला अंतिम ओलम्पिक क्वालीफायर सिर्फ उन मुक्केबाजों के लिए होगा जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) द्वारा कराई गई मुक्केबाजी विश्व सीरीज और एआईबीए प्रो मुक्केबाजी लीग में हिस्सा लिया था। इन दोनों अर्ध-पेशेवर लीगों में भारत अनुपस्थित था।

यह टूर्नामेंट पूरे विश्व के पेशेवर मुक्केबाजों के लिए भी खुला रहेगा।

टीम : एल. देवेन्द्रो सिंह (49 किलोग्राम), गौरव बिधुड़ी (52 किलोग्राम), धीरज रांगी (60 किलोग्राम), मनोज कुमार (64 किलोग्राम), मंदीप जांगरा (69 किलोग्राम), विकास कृष्णा (75 किलोग्राम), सुमित सांगवान (81 किलोग्राम), अम्रितप्रीत सिंह (91 किलोग्राम), सतीश कुमार (+91 किलोग्राम)