रिषभ पंत (Rishabh Pant) के बचपन के कोच तारक सिन्‍हा (Tarak Sinha) ने उनके एक दिल को छूने वाले एक किस्‍से के बारे में फैन्‍स को बताया. रुड़की से दिल्‍ली आकर पंत ने तारक सिन्‍हा की अकैडमी में ही क्रिकेट की कोचिंग ली थी. रिषभ के करियर को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ले जाने में सिन्‍हा ने अहम भूमिका निभाई है.

क्रिकेट नेक्‍सट डॉट कॉम से बातचीत के दौरान ताकर सिन्‍हा (Tarak Sinha) ने किया, “दक्षिण दिल्‍ली में स्थित मेरे क्‍लब सोनट के लिए खेलते वक्‍त एक बार मैं रिषभ पंत (Rishabh Pant) से नेट सेशन के दौरान नाराज हो गया था. इसके बाद वो पूरी रात सो नहीं पाया और रात साढ़े तीन बजे मेरे घर पहुंच गया. मैं वैशाली में रहता था जो एनसीआर में है. रिषभ पंत के घर से वहां पहुंचने की दूरी करीब एक घंटे की थी.”

“मैंने उससे पूछा कि क्‍यों. आखिर इतनी रात को क्‍यों आए हो. उसने जवाब दिया, मैंने आपको इतना नाराज पहले कभी नहीं देखा. मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं. यह मेरे लिए दिल को छूने वाली और परेशान करने वाली घटना थी क्‍योंकि वो आधी रात को इतनी दूर मेरे घर आया था. यहां तक कि मेरा परिवार में मुझसे नाराज था क्‍योंकि मैं इस बच्‍चे पर काफी कठोर था.”

भविष्‍य में रिषभ पंत (Rishabh Pant) को कप्‍तान बनाए जाने के सवाल पर तारक सिन्‍हा ने कहा, “इस बारे में कुछ भी कहना जल्‍दबाजी होगा. उसे अभी अपने आप को एक खिलाड़ी के तौर पर साबित करने की जरूरत है. अगर आप महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली जैसे बड़े क्रिकेटर्स की ओर देखें तो पाएंगे कि उन्‍होंने कप्‍तान की भूमिका निभाने से पहले एक खिलाड़ी के तौर पर खुद को साबित किया था.

तारक सिन्‍हा (Tarak Sinha) ने कहा, “इसी तरह पंत को अभी एक खिलाड़ी के तौर पर खुद पर काम करने की जरूरत है. भविष्‍य में सेलेक्‍टर्स उन्‍हें कप्‍तान के रूप में भी देख सकते हैं. इस साल आईपीएल के दौरान एक कप्‍तान के रूप में उसने अच्‍छा काम किया. दिल्‍ली रणजी टीम की कप्‍तानी की भूमिका भी वो अच्‍छे से निभाते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचा चुका है. फिलहाल वो एक बच्‍चा है. कप्‍तान के रूप में रिषभ पंत (Rishabh Pant) तरफ देखने से पूर्व उसे अभी लंबा सफर तय करना होगा है.”