Rishabh Pant has surpassed all expectations in Tests but needs time to understand his ODI game: Sanjay Bangar
रिषभ पंत (IANS)

भारतीय टीम में महेंद्र सिंह धोनी के उत्तारिधारी माने जा रहे युवा विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत को अपने खराब शॉट सेलेक्शन के लिए लगातार आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर पंत बड़े शॉट लगाने की अपनी इच्छा पर नियंत्रण नहीं पाने की वजह से कई बार अपना विकेट गंवा चुके हैं। हालांकि टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ का कहना है कि पंत समय के साथ वनडे में और बेहतर बल्लेबाज बनेंगे जबकि टेस्ट में वो खुद को पहले ही साबित कर चुके हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में पूर्व बल्लेबाजी कोच ने कहा, “रिषभ टेस्ट क्रिकेट में सभी अपेक्षाओं पर खरा उतरा है। वो सोचने वाला क्रिकेटर है और तेज गेंदबाजों को हिम्मत के साथ खेलता है लेकिन किसी भी युवा स्ट्रोक प्लेयर को वनडे क्रिकेट में अपने खेल को समझने में समय लगेगा, जहां पर हवाई शॉट पर नियंत्रण रखने की उसकी इच्छा उसे आउट कराती है। कई बार मध्य क्रम बल्लेबाजों को हालात और टीम की जरूरत के हिसाब से खेलना होता है। हमने इस बात पर काम किया कि वो कैसे शुरुआत में मैदान के साथ खेल सकता है और स्ट्राइक रोटेट कर सकता है।”

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बता दें कि बीसीसीआई ने बांगड़ को छोड़कर मुख्य कोच रवि शास्त्री समेत भारतीय टीम के बाकी स्टाफ को बरकरार रखा है। उनकी जगह विक्रम राठौड़ को नया बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है।

इस पर बांगड़ ने कहा, “निराशा की भावना होना स्वाभाविक है, जो कि कुछ ही दिन तक रही। लेकिन मुझे पांच साल तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका देने के लिए मैं बीसीसीआई और डंकन (फ्लेचर), अनिल (कुंबले) और रवि सभी का शुक्रिया करना चाहूंगा। ये ब्रेक मुझे तरोताजा होने, पीछे मुड़कर देखने और फिर से शुरुआत करने का समय देगा।”

भारतीय बल्लेबाजों के साथ काम करने के अनुभव पर बात करते हुए बांगड़ ने कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे स्टार खिलाड़ियों की बल्लेबाजी तकनीक पर चर्चा की।

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उन्होंने कहा, “विराट हमेशा कमियां पूरी करने की कोशिश करता है। हमने क्रीज पर उसके पोजीशन, सीम वाले हालातों में उसके अप्रोच पर काम किया। शिखर शुरुआत में ऑफ साइड का खिलाड़ी था, वो गेंद की लाइन की सीध में रहता था। हमने उसके गेंद के पीछे आने और स्कोरिंग एरिया बढ़ाने और शॉर्ट गेंद के खिलाफ आउट होने की समस्या से उबरने पर काम किया।”

पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “रोहित के साथ हमने दाएं और बाएं कोण से आने वाली गेंदो के खिलाफ खेलने की परेशानी को हल करने के लिए लगातार उसके सिर की पोजीशन पर काम किया। पुजारा के केस में, हमने उसके स्टांस की चौड़ाई कम करने पर काम किया। इसका श्रेय उन्हें जाता है जो उन्होंने पुराने तरीकों को भुलाने और नए तरीकों को सीखने के लिए कड़ी मेहनत की।”

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कप्तान कोहली समेत कुछ भारतीय बल्लेबाज टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलते हैं, जिसके अपने फायदे और नुकसान हैं। बांगड़ से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “टी20 क्रिकेट खेलने का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि बल्लेबाज गेंदबाज के गेंद करने से पहले ही अपने स्कोरिंग विकल्पों के बारे में अनुमान लगाने लगता है। गेंद के खिलाफ प्रतिक्रिया करने के तरीके को बदलना, बैट स्पीड कम रखना और गेंद को ऑफ स्टंप से बाहर जाने देना (तीनों फॉर्मेट खेलने के लिए) इस तरह के मानसिक बदलाव करने के लिए खिलाड़ियों को तैयार रहना चाहिए।”