rishabh pant reveals what was his planning while batting in third odi against england

मैनचेस्टर: ऋषभ पंत से अकसर यह शिकायत रहती थी कि वह अपना विकेट फेंक देते हैं। उनके आक्रामक खेल में कब लापरवाही चली आती थी इसे लेकर कई जानकार अकसर परेशान रहा करते थे। लेकिन रविवार को मैनचेस्टर में पंत अलग ही अवतार में नजर आए। परिस्थितियों को बेहतर समझते हुए और उसके हिसाब से अपने खेल को ढालते हुए।

पंत जब क्रीज पर उतरे तो चोटी के दो बल्लेबाज पविलियन लौट चुके थे। जब तक नजरें जमतीं तो विराट कोहली और फिर सूर्यकुमार यादव भी आउट हो गए। यहां से उन्होंने हार्दिक पंड्या ने पारी को संभाला। पंड्या अधिक आक्रामक होकर खेले ताकि रनगति का दबाव न आए। और दूसरे छोर से आते रनों ने पंत को सहज होने का अवसर दिया। एक बार सेट होने के बाद पंत ने रन बनाने की रफ्तार तेज की। पहले 50 रन उन्होंने 71 गेंद पर पूरे किए और अगले पचास 35 गेंद पर। वह 125 रन बनाकर नाबाद लौटे। अपनी इस शानदार पारी के बाद इस भारतीय विकेटकीपर ने बताया कि आखिर उन्होंने क्या रणनीति अपनाई थी।

पंत ने कहा, ‘उम्मीद है कि मैं अपनी पहली वनडे सेंचुरी जीवनभर याद रखूंगा। लेकिन जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो एक वक्त पर सिर्फ एक गेंद पर ही अपना ध्यान लगा रहा था।’ पंत जब बल्लेबाजी करने उतरे तो भारत का स्कोर दो विकेट पर 25 रन था। उन्होंने कहा, ‘जब टीम दबाव में हो और आप इस तरह बल्लेबाजी करें तो इससे आपको प्रेरणा मिलती है।’

पंत ने कहा, ‘मुझे इंग्लैंड में खेलना अच्छा लगता है और अपने खेल को इन्जॉय करने के लिए मुझे जो भी करना होगा मैं करूंगा। आप जितना क्रिकेट खेलते हैं आपको उतना अनुभव मिलता है।’

पंत ने कहा कि वनडे सीरीज में यह बल्लेबाजी के लिए सबसे मुफीद विकेट था। तो गेंदबाजों को श्रेय जाता है जिन्होंने इंग्लैंड को 260 के स्कोर पर रोक लिया। उन्होंने कहा, ‘इस मैच में ही नहीं बल्कि पूरी सीरीज में ही गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। और सिर्फ इस सीरीज में ही नहीं बल्कि वे पूरे साल अच्छा रहे हैं।’