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- Rishabh Pant Should Avoid Playing unnecessary High Risky Shots says Syed Kirmani
वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी ने दी ऋषभ पंत को बड़ी सलाह, बताया सचिन के बाद सबसे टैलेंटेड
ऋषभ पंत को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है. लेकिन कई बार वह गैरजरूरी जोखिम उठाते हैं. और इसे लेकर उनकी खूब आलोचना भी होती है.
Published On Jun 11, 2026, 02:39 PM IST
Last UpdatedJun 11, 2026, 02:39 PM IST
नई दिल्ली: भारत के पूर्व क्रिकेटर सैयद किरमानी ने ऋषभ पंत को एक सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि अगर पंत एक बार फिर भारत के तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं तो उन्हें गैरजरूरी रूप से जोखिम भरी बल्लेबाजी से बचना होगा. इसके साथ ही उन्होंने पंत को फिजिकल फिटनेस पर अधिक काम करने की भी सलाह दी. किरमानी ने यह भी कहा कि पंत को दबाव में संयम बनाकर रखना होगा.
पंत आक्रामक बल्लेबाज हैं और उन्हें भारत के लिए हर फॉर्मेट में फिट खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा था. लेकिन बीते दो साल में उन्होंने सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं. वह आईपीएल में टी20 क्रिकेट खेलते हैं. लेकिन टीम इंडिया में अब वह नियमित रूप से नजर नहीं आते.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में किरमानी ने कहा, ‘ऋषभ को अपनी फिटनेस और निरंतरता पर कड़ी मेहनत करनी होगी. उन्हें दबाव में संयम बनाए रखना होगा. कोई भी खिलाड़ी यह नहीं कह सकता कि ‘मैं जन्मजात हिटर हूं, मुझे हर गेंद पर हिट करना है’. हो सकता है कि किसी दिन आप जिस भी गेंद पर हिट करना चाहें, उस पर हिट कर लें. लेकिन आपको हालात, फॉर्मेट और टीम की जरूरत को ध्यान में रखना होगा.’
उन्होंने कहा, ‘ऋषभ पंत को जहां भी चुना जाए, उन्हें अपनी फिटनेस दिखानी होगी. उन्हें यह दिखाना होगा कि उनका प्रदर्शन उनके साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे दूसरे विकेटकीपरों से बेहतर है. बस इतनी बात है.’
किरमानी ने पंत को भारतीय क्रिकेट में ‘सचिन तेंदुलकर के बाद और वैभव सूर्यवंशी से पहले’ का ‘सबसे प्रतिभाशाली और हुनरमंद’ खिलाड़ी करार दिया.
पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहा, ‘जब ऋषभ पंत भारतीय टीम में आए, तो मुझे लगा कि सचिन तेंदुलकर के बाद वही सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं. और जब तक यह नया लड़का (वैभव) सूर्यवंशी नहीं आया, तब तक मैं उन्हें ही सबसे प्रतिभाशाली मानता था. लेकिन अब जब मैं उन्हें सिर्फ टेस्ट मैच खेलते हुए देखता हूं, तो मैं काफी हैरान रह जाता हूं.’
उन्होंने कहा कि कोच और मेंटोर किसी क्रिकेटर को सही दिशा और तरीका बता सकते हैं, लेकिन आखिरकार प्रदर्शन खिलाड़ी को ही करना होता है, और अगर वह सफल नहीं होता है तो वह किसी और को दोष नहीं दे सकता.
किरमानी (76 साल) ने 1976 से 1986 के बीच 88 टेस्ट और 49 वनडे मैच खेले हैं. उन्होंने कहा, ‘आस-पास मौजूद कोच और मेंटोर का काम खिलाड़ी को सही दिशा और तरीका दिखाना है. मैच शुरू होने से पहले, वे खिलाड़ियों का सिर्फ मार्गदर्शन कर सकते हैं. ’
उन्होंने कहा, ‘आप किसी और को दोष नहीं दे सकते. खिलाड़ी का ही फैसला मायने रखता है, चाहे वह अच्छी फॉर्म दिखाए या नहीं. खिलाड़ी के अलावा कोई और जिम्मेदारी नहीं ले सकता.’
दिसंबर 2022 में पंत एक भयानक कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने 15 महीने बाद 2024 में आईपीएल में वापसी की. किरमानी ने कहा, ‘उन्हें एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का सामना करना पड़ा. उस दौरान, दूसरे उभरते हुए विकेटकीपर एक-एक करके सामने आए. जहां भी उन्हें चुना गया, उन्होंने टेस्ट और वनडे मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया. उन्होंने जरूरत पड़ने पर अच्छा खेलने की अपनी काबिलियत दिखाई.’
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य ने कहा, ‘इसलिए, दुर्घटना से उबरने के दौरान ऋषभ पंत अपनी जगह से थोड़ा पीछे रह गए. अब, उन्हें जबरदस्त मुक़ाबले का सामना करना पड़ रहा है.’