Rishabh Pant’s emergence fills me with pride, says coach Tarak Sinha
Rishabh Pant © Getty Images

इंग्‍लैंड के खिलाफ नॉटिंघम टेस्‍ट में भारतीय टीम ने मेजबान इंग्‍लैंड पर 203 रनों से जीत दर्ज की। इस मैच में रिषभ पंत ने बतौर विकेटकीपर बल्‍लेबाज टीम में अपना डेब्‍यू किया। अपने पहले ही मैच में पंत ने टेस्‍ट क्रिकेट के पहले रन की शुरुआत छक्‍के से की। इसके अलावा विकेट के पीछे अपनी परफॉमेंस से भी पंत ने सभी सीनियर्स को प्रभावित किया।

रिषभ पंत ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय राहुल द्रविड और अपने कोच तारक सिन्‍हा को दिया। अब तारक सिन्‍हा की तरफ से इसपर बयान आया है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान तारक सिन्‍हा ने कहा, “मेरे द्वारा सिखाए गए लड़के को टेस्‍ट क्रिकेट में खेलते देखना मेरे लिए सम्‍मान की बात है। मैं लंबे समय से बच्‍चों को क्रिकेट की कोचिंग दे रहा हूं। इससे पहले सुरेंद्र खन्‍ना, मनोज प्रभाकर, आशीष नेहरा जैसे खिलाड़ी भी कोचिंग लेकर अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में नाम कमा चुके हैं।”

रिषभ पंत है प्रतिभावान लड़का

उन्‍होंने कहा, “रिषभ पंत मेरे लिए काफी खास है। उसने समय के साथ खुद को बदला है और करियर में आगे बढ़ता गया। मै अब भी पुराने तौर तरीके के क्रिकेट को ही पसंद करता हूं, लेकिन मैं समझ सकता हूं कि आज के बच्‍चे आईपीएल में भी खेलना चाहते हैं।” उन्‍होंने कहा,”मैं कोई बहुत बड़ा कोच नहीं हूं। मैं भाग्‍यशाली हूं कि क्रिकेट का थोड़ा बहुत ज्ञान मुझे है उससे मैने प्रभाकर, आशीष नेहरा और रिषभ पंत जैसे बच्‍चों को कोचिंग दी।”

आज के बच्‍चे क्रिकेट इतिहास नहीं जानना चाहते

पंत से पहले शिखर धवन भी तारक सिन्‍हा के क्‍लब में कोचिंग ले चुके हैं। उन्‍होंने कहा, “अब मेरी उम्र काफी ज्‍यादा हो गई है। कोचिंग के दौरान बेहद कम ऐसा समय आता है जब में अपनी कुर्सी से उठ पाता हूं, लेकिन खिलाड़ी की तकनीक में खराबी को पकड़ने में मुझे एक मिनट लगता है।”

तारक सिन्‍हा ने कहा, ” 80 और 90 के दशक में क्रिकेट सीखने के लिए आने वाले बच्‍चे सर डॉन ब्रेड मैन और अन्‍य पूर्व खिलाड़ियों के बारे में जानना और सुनना चाहते थे। आज के बच्‍चे सीधा नेट्स में जाकर खेलना चाहते हैं।”