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जब आप इंटरनेशनल लेवल पर खेल रहे हों... उथप्पा ने बताई टीम इंडिया की सबसे बड़ी गलती

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा, पहले छह से आठ ओवरों के बाद बल्लेबाजों की रणनीति में लचीलापन ठीक है, लेकिन बड़े स्कोर का पीछा करने से पहले एक मजबूत नींव की जरूरत होती है.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - December 13, 2025 2:42 PM IST

Robin Uthappa on Team India: साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा. 214 रन के टारगेट के जवाब में भारतीय टीम 161 रन ही बना सकी. भारतीय बल्लेबाजों ने इस मैच में पूरी तरह निराश किया. टीम इंडिया की हार के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय भारत की बल्लेबाजी रणनीति में भूमिका को लेकर स्पष्टता की कमी की तरफ इशारा किया है. उन्होंने कहा कि पारी की शुरुआत में अत्यधिक लचीलेपन के कारण रन बनाना मुश्किल हो जाता है.

भारतीय टीम गुरुवार को मुल्लानंपुर में खेले गए दूसरे टी20 मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 214 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.1 ओवर में 162 रन पर आउट हो गयी. इस 51 रन की हार के साथ पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गयी.

‘गिल के आउट होने के बाद अपनाई गई रणनीति पर सवाल’

उथप्पा ने कहा कि समस्या शुरुआती विकेट गिरने की नहीं थी, बल्कि शुभमन गिल के आउट होने के बाद अपनाई गई रणनीति की थी, भारत के पास मजबूत बल्लेबाजी क्रम है लेकिन टीम ने उसका इस्तेमाल अच्छे से नहीं किया. उन्होंने ‘जियो हॉटस्टार’ पर कहा, ‘‘ शुभमन गिल आउट हुए तो अक्षर पटेल बल्लेबाजी करने आए, उस समय उन्हें एक ऐसे बल्लेबाज की भूमिका निभानी थी जो जोखिम उठाकर बल्लेबाजी करें और तेजी से रन बनाकर अभिषेक शर्मा पर से दबाव कम कर सके.

‘अक्षर की धीमी गति से खेली गई बल्लेबाजी ने डाला असर’

उथप्पा का मानना था कि अक्षर की धीमी गति से खेली गई 21 रनों की पारी दबाव कम करने में विफल रही, जिससे उनके आसपास विकेट गिरने लगे और रणनीति में बदलाव करना पड़ा, इससे लक्ष्य का पीछा करना और धीमा हो गया. उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्लेबाजों को अपनी भूमिकाओं और पारी को आगे बढ़ाने के तरीके के बारे में स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए.

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उथप्पा ने बताई टीम इंडिया की सबसे बड़ी गलती

उन्होंने कहा, पहले छह से आठ ओवरों के बाद बल्लेबाजों की रणनीति में लचीलापन ठीक है, लेकिन बड़े स्कोर का पीछा करने से पहले एक मजबूत नींव की जरूरत होती है, बिना मजबूत आधार के गगनचुंबी इमारत नहीं खड़ी की जा सकती. उन्होंने कहा, खिलाड़ियों से एक ही मैच में कई भूमिकाएं निभाने की उम्मीद करना चीजों को जटिल बना देता है और भारत यहीं चूक कर रहा है, मैं सलामी बल्लेबाजों और पारी की शुरुआत चरण में अत्यधिक लचीलापन दिखाने के पक्ष में नहीं हूं.