रोहित शर्मा © Getty Images
रोहित शर्मा © Getty Images

रोहित शर्मा के लिये पिछले चार महीने काफी दर्दनाक रहे हैं जिसमें वह हैमस्ट्रिंग की सर्जरी से गुजरे लेकिन यह प्रतिभाशाली बल्लेबाज मध्यक्रम के स्थान के लिये अजिंक्य रहाणे और करूण नायर से प्रतिस्पर्धा की चिंता नहीं है। रोहित ने पीटीआई को दिये विशेष साक्षात्कार में कहा, “मैंने अपने करियर में अभी तक इस बारे में कभी नहीं सोचा कि मुझसे प्रतिस्पर्धा में कौन है। बतौर खिलाड़ी आप सुधार नहीं कर सकते, अगर आप सिर्फ इसी आधार पर सोचते रहोगे। मेरी प्रतिस्पर्धा खुद से है। मैं अपना समय उन चीजों पर नहीं लगाता जो मेरे नियंत्रण में नहीं हैं। लेकिन भारत जो भी मैच खेले, उसमें मैं एक भी मैच नहीं चूकना चाहता।” क्रिकेट से बाहर रहने वाला समय आसान नहीं था लेकिन वह पहले भी इस तरह की स्थिति से गुजर चुका हूं।

उन्होंने कहा, “मैं इस तरह के हालात से निपटने के लिये मानसिक रूप से मजबूत हूं लेकिन जब सर्जरी होती है तो कई चिंताए भी होती हैं। लेकिन मेरे डाक्टरों ने मुझे कहा कि एक उचित रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम से मैं साढ़े तीन से चार महीने के अंदर खेलने के लिये दोबारा फिट हो जाउंगा। यह मुश्किल दौर होता है जब आप वह काम नहीं कर सकते जिसे आप सबसे ज्यादा चाहते हो।” [ये भी पढ़ें: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लॉर्क ने चलाई ऑटो]

रोहित विजय हजारे ट्राफी के ग्रुप लीग में मुंबई की ओर से चार और छह मार्च को चेन्नई में आंध्र और गोवा के खिलाफ खेलने के लिये तैयार हैं, जिनका उद्देश्य उनकी मैच फिटनेस पता करना होगा। उन्होंने कहा, “मैं इस मौजूदा टेस्ट सीरीज का हिस्सा होना पसंद करूंगा। लेकिन मुझे एक बार में एक कदम उठाना होगा। ये दोनों मैच मेरी मैच फिटनेस बतायेंगे। इसी के अनुसार मुझे एनसीए में ट्रेनर और फिजियो को बताना होगा कि मैं कैसा महसूस कर रहा हूं।” [ये भी पढ़ें: रोहित शर्मा खेलेंगे विजय हजारे ट्रॉफी]

रोहित ने अपने पिछले तीन टेस्ट मैचों में नाबाद 68 रन, 82 रन और नाबाद 51 रन की पारी खेली है, उन्होंने कहा, “मैं शत प्रतिशत फिट महसूस कर रहा हूं, लेकिन आप हमेशा ही कुछ गेंदों का सामना करना चाहते हो और इसके बाद ही आगे बढ़ना चाहते हों” एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के लिये यह आसान नहीं है, जब राष्ट्रीय टीम लाल गेंद से क्रिकेट खेल रही है और घरेलू क्रिकेट में सफेद गेंद का सत्र चल रहा हो। लेकिन रोहित ने बेंगलुरू में एनसीए में नेट अभ्यास के दौरान एक दिन लाल और एक दिन सफेद गेंद से अभ्यास किया। [ये भी पढ़ें: जब महेंद्र सिंह धोनी की सलाह को अनदेखा करना विराट कोहली को पड़ा भारी]

उन्होंने कहा, “हां, यह आसान चीज नहीं है लेकिन मुझे अपने ट्रेनिंग सत्र को संतुलित करना था। इसलिये मैं एक दिन लाल गेंद से और एक दिन सफेद गेंद से अभ्यास करता था। दोनों ने अलग तरह से बर्ताव किया और हर दिन संतुलन बिठाना पड़ता था।” रोहित ने कहा, “कड़े रिहैबिलिटेशन के बाद, मुझे लाल गेंद से अभ्यास करना पड़ा क्योंकि टेस्ट सीरीज चल रही है और सफेद गेंद से भी क्योंकि मुझे विजय हजारे ट्राफी में वापसी करनी थी।” प्रतिभाशाली बायें हाथ के खिलाड़ी ने सूचित किया कि वे मुंबई टीम की कप्तानी नहीं निभायेंगे लेकिन वह बल्लेबाजी का आगाज कर सकते हैं क्योंकि भारतीय टीम में भी उनका यही स्थान है।