Rohit Sharma: I can say we ticked all the boxes in this tournament
Rohit Sharma (AFP Photo)

पहली बार बड़े टूर्नामेंट में भारत की कप्तानी कर रहे रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने सातवीं बार एशिया कप पर कब्जा किया। दुबई में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए रोमांचक फाइनल मैच में भारतीय टीम ने आखिरी गेंद पर 3 विकेट से मैच जीत लिया।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित शर्मा ने कहा, “मैने पहले भी भारत की कप्तानी की है। मुझे टीम की गति का पता है, किस तरह से हम क्रिकेट खेलते हैं और बतौर टीम हम कितना आगे जाते हैं। इस टूर्नामेंट में हमने सब कुछ सही किया। और ये हमारे लिए चुनौती है कि हम लगातार सारे बॉक्स टिक करें और बतौर टीम बेहतर बनें।”

मध्यक्रम ने दबाव अच्छे से झेला

एशिया कप शुरू होने से पहले समीक्षकों को उम्मीद थी कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में चार नंबर के बल्लेबाज की समस्या को सुलझा लेगी लेकिन यहां भी भारतीय मध्यक्रम का प्रदर्शन साधारण रहा। कप्तान ने भी इस बात को माना, उन्होंने कहा, “हमारे मध्यक्रम को उतने मौके नहीं मिले, जितने हम चाहते थे। शीर्षक्रम ने ज्यादातर काम किया लेकिन उन्होंने दबाव को अच्छे से झेला। ये अलग बात है कि वो काम खत्म नहीं कर सके लेकिन उन्होंने दबाव को अच्छे से झेला। पहले मैच से ही हमारा प्रदर्शन दबाव डालने वाला था। फील्डिंग में हमेश थोड़े और सुधार की जरूरत है। आखिर में कहूं तो बतौर खिलाड़ी और कप्तान मैं काफी खुश हूं।”

बिना किसी दबाव के खुलकर खेले खिलाड़ी

विराट कोहली की गैरमौजूदगी में भारत अपने कई मैचविनर खिलाड़ियों के बिना टूर्नामेंट खेल रही थी लेकिन फिर भी टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा। रोहित ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, “एशिया कप बड़ा टूर्नामेंट है। हम इंग्लैंड में हारे जरूर थे लेकिन हम खराब नहीं खेल रहे थे। हमे मैच खत्म नहीं कर पा रहे थे। कुछ सीनियर खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध नहीं थे लेकिन जो थे, वो हमे मैच जिताने की काबिलियत रखते थे। उन्होंने अपनी स्टेट टीम और आईपीएल टीम के लिए ऐसा पहले भी किया था। मुझे नहीं लगता कि किसी ने भी दबाव लिया।”

रोहित ने आगे कहा, “बतौर मैनेजमेंट हमारा काम है कि खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी दें जैसा कि वो घरेलू स्तर पर खेलते हैं। हमारा संदेश साफ था- इसे ऐसे ही देखो जैसे कि अपने घर पर खेलते हो। इन खिलाड़ियों में प्रतिभा है वर्ना उनकी जगह कोई और होता। उन्हें ये बताना जरूरी था कि वो किसी भी तरह से असुरक्षित महसूस ना करें।”

स्पिन गेंदबाजों की निरंतरता सकारात्मक

कप्तान ने कहा, “हम यहां एक युवा टीम के साथ आए थे। उनमें से ज्यादातर को इन हालातों में खेलने का अनुभव नहीं था, इसलिए उनके लिए ये आसान नहीं था। कुछ इंग्लैंड होकर आए थे और ये जरूरी था कि वो यहां के गर्म मौसम में ढलें। ये एक चुनौती थी। हमारे स्पिन गेंदबाजों ने लगातार धीमी स्थिति में गेंदबाजी की। आज भी जब बांग्लादेश ने 20 ओवरों में अच्छी शुरुआत हासिल की, हमारे स्पिन गेंदबाजों ने हमे खेल में वापसी कराई। उनकी निरंतरता एक सकारात्मक चीज है।”

सीनियर खिलाड़ियों की वापसी 

रोहित जानते हैं कि फिलहाल टीम से बाहर चल रहे बड़े खिलाड़ियों के लौटते ही एशिया कप खेलने वाले कई युवा खिलाड़ियों को टीम से बाहर जाना होगा। उन्होंने कहा, “किसी भी टीम के लिए ये चुनौतीपूर्ण होता है, जब कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया जाता है और फिर वो वापसी करते हैं, कुछ खिलाड़ियों को बाहर जाना पड़ता है। ये क्रिकेट बिरादरी का प्रतीक रहा है। हर टीम यही कर रही है और खिलाड़ी भी इस बात को समझते हैं। इसलिए जब भी उन्हें मौका मिलता है वो उसका फायदा उठाते हैं। हमारे लिए बतौर कप्तान और कोच, हम ये पक्का करते हैं को वो आजादी के साथ मैच खेलें।”